स्वास्थ्यतकनीकी

चीनी वैज्ञानिकों ने सिर्फ 3 मिनट में फ्रैक्चर ठीक करने वाला ‘बोन ग्लू’ बनाया

चीनी शोधकर्ताओं ने एक क्रांतिकारी मेडिकल बोन ग्लू विकसित की है जो हड्डियों के फ्रैक्चर और बिखरे हुए टुकड़ों को मात्र तीन मिनट में मजबूती से जोड़ सकती है। यह ग्लू न केवल तेजी से हड्डियों की मरम्मत करता है बल्कि ऑर्थोपेडिक डिवाइस को भी सुरक्षित रूप से फिक्स करता है, जो चिकित्सा क्षेत्र में लंबे समय से एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

यह उत्पाद, जिसका नाम “बोन 02” है, पूर्वी चीन के झेजियांग प्रांत में स्थित सर रन रन शॉ हॉस्पिटल की एक रिसर्च टीम द्वारा 10 सितंबर 2025 को लॉन्च किया गया। टीम के लीडर और एसोसिएट चीफ ऑर्थोपेडिक सर्जन लिन शियानफेंग ने बताया कि उन्हें यह आइडिया पानी के नीचे पुल से चिपके ऑयस्टर देखकर मिला, जो प्राकृतिक रूप से मजबूत आसंजन दिखाते हैं। ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह ग्लू खून से भरे या गीले वातावरण में भी दो से तीन मिनट के अंदर सटीक फिक्सेशन प्रदान करता है। जैसे-जैसे हड्डी ठीक होती जाती है, ग्लू शरीर द्वारा प्राकृतिक रूप से अवशोषित हो जाता है, जिससे मरीज को इम्प्लांट हटाने के लिए अतिरिक्त सर्जरी नहीं करानी पड़ती। यह विशेषता इसे पारंपरिक तरीकों से अलग बनाती है, जहां मरीजों को लंबे समय तक दर्द और रिकवरी का सामना करना पड़ता है। झेजियांग यूनिवर्सिटी से जुड़े शोध में पाया गया कि ऐसे बायोडिग्रेडेबल मटेरियल्स हड्डी की हीलिंग प्रक्रिया को तेज करते हैं और संक्रमण के जोखिम को कम करते हैं।

इसकी कार्यप्रणाली: कैसे काम करता है यह ग्लू?

“बोन 02” की कार्यप्रणाली प्रकृति से प्रेरित है, जहां यह ऑयस्टर की तरह मजबूत आसंजन पैदा करता है। ग्लू को लगाने पर यह हड्डी के टिशू के साथ रासायनिक रूप से जुड़ता है और एक मजबूत बॉन्ड बनाता है। सीसीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, यह ग्लू पानी-आधारित है और खून या शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क में आने पर भी अपनी चिपकने की क्षमता नहीं खोता। इसमें विशेष पॉलीमर शामिल हैं जो हड्डी की सतह पर एक लेयर बनाते हैं, जो धीरे-धीरे हड्डी के साथ एकीकृत हो जाती है। लैब टेस्ट में देखा गया कि यह ग्लू 2-3 मिनट में सेट हो जाता है, जिससे सर्जन को तुरंत स्थिरता मिलती है। नेचर जर्नल की एक स्टडी से पता चलता है कि ऐसे एडहेसिव्स हड्डी के कोशिकाओं को उत्तेजित करते हैं, जिससे नई हड्डी का निर्माण तेज होता है। कार्यप्रणाली के तहत, ग्लू पहले हड्डी के टूटे हिस्सों को जोड़ता है, फिर शरीर की प्राकृतिक हीलिंग को सपोर्ट करता है, और अंत में खुद घुल जाता है। यह प्रक्रिया मरीजों के लिए कम दर्दनाक है और रिकवरी समय को हफ्तों से घटाकर दिनों में ला सकती है।

सुरक्षा पहलू: क्या यह सुरक्षित है?

सुरक्षा के मामले में “बोन 02” ने व्यापक टेस्ट पास किए हैं। लैब और क्लिनिकल ट्रायल्स में यह साबित हुआ कि ग्लू बायोकॉम्पैटिबल है, यानी यह शरीर के साथ कोई नकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं करता। वैज्ञानिकों ने बताया कि इसमें कोई विषाक्त पदार्थ नहीं हैं, और यह संक्रमण के जोखिम को कम करता है क्योंकि कोई धातु इम्प्लांट नहीं लगता। साइंस डेली की रिपोर्ट के अनुसार, पारंपरिक मेटल इम्प्लांट्स से एलर्जी या इंफेक्शन के मामले ज्यादा देखे जाते हैं, लेकिन इस ग्लू में ऐसी समस्याएं नहीं पाई गईं। 150 से ज्यादा मरीजों पर किए गए ट्रायल्स में कोई गंभीर साइड इफेक्ट नहीं रिपोर्ट हुआ। सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए, ग्लू को एफडीए जैसे मानकों के समकक्ष चीनी रेगुलेटरी टेस्ट से गुजारा गया है। इसमें एंटी-बैक्टीरियल गुण भी हैं, जो सर्जरी के दौरान संक्रमण से बचाते हैं। कुल मिलाकर, यह ग्लू मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देता है और लंबे समय तक शरीर में रहने वाले इम्प्लांट्स की तुलना में ज्यादा सुरक्षित विकल्प प्रदान करता है।

कार्यक्षमता: प्रदर्शन और संभावनाएं

“बोन 02” की कार्यक्षमता प्रभावशाली है, जहां यह 400 पाउंड से ज्यादा की बॉन्डिंग फोर्स, 0.5 एमपीए की शीयर स्ट्रेंथ और 10 एमपीए की कॉम्प्रेसिव स्ट्रेंथ प्रदान करता है। एक ट्रायल में, प्रक्रिया सिर्फ 180 सेकंड में पूरी हुई, जबकि पारंपरिक तरीके में घंटों लगते हैं और बड़े चीरे की जरूरत पड़ती है। यह ग्लू छोटे फ्रैक्चर से लेकर जटिल ब्रेक्स तक काम करता है, और इसका उपयोग जोड़ों, रीढ़ की हड्डी या खोपड़ी की मरम्मत में भी संभव है। बाजार में उपलब्ध बोन सीमेंट्स से अलग, इसमें सच्चे एडहेसिव गुण हैं जो हड्डी को स्थायी रूप से जोड़ते हैं। 1940 के दशक के शुरुआती एडहेसिव्स जेलाटिन या एपॉक्सी पर आधारित थे, लेकिन बायोकॉम्पैटिबिलिटी की कमी के कारण असफल रहे। अब, “बोन 02” जैसे उत्पाद आधुनिक बायोमटेरियल्स का उपयोग करते हैं, जो कार्यक्षमता को बढ़ाते हैं। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की रिपोर्ट्स से पता चलता है कि ऐसे इनोवेशन विकासशील देशों में ऑर्थोपेडिक केयर को सस्ता और पहुंच योग्य बना सकते हैं। भविष्य में, यह ग्लू स्पोर्ट्स इंजरी, बुजुर्गों के फ्रैक्चर और यहां तक कि मिलिट्री मेडिसिन में उपयोगी साबित हो सकता है, जहां तेज रिकवरी महत्वपूर्ण है। वैज्ञानिकों का मानना है कि निरंतर रिसर्च से इसकी कार्यक्षमता और बढ़ाई जा सकती है, जैसे कि नैनोटेक्नोलॉजी को शामिल करके।

यह विकास चिकित्सा विज्ञान में एक नया अध्याय खोल सकता है, जहां हड्डी की मरम्मत सरल, तेज और कम जोखिम वाली हो जाएगी। झेजियांग प्रांत के शोधकर्ता अब इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने की योजना बना रहे हैं, ताकि दुनिया भर के मरीज इससे लाभान्वित हो सकें।