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एशिया कप 2025: पाकिस्तान की टीम दुबई स्टेडियम में देर से पहुंची, यूएई ने मैच में देरी से गेंदबाजी करने का फैसला किया

एशिया कप 2025 में पाकिस्तान क्रिकेट टीम को लेकर बड़ा ड्रामा चल रहा है, जहां भारत के खिलाफ मैच में हैंडशेक न करने की घटना के बाद टीम यूएई के खिलाफ अहम ग्रुप ए मुकाबले के लिए दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम देर से पहुंची, जिससे टॉस और मैच की शुरुआत में देरी हुई। टॉस शाम 7:00 बजे यूएई समय (रात 8:30 बजे IST) पर हुआ, जहां यूएई ने जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, और मैच की पहली गेंद शाम 7:30 बजे यूएई समय (रात 9:00 बजे IST) पर फेंकी गई।

यह मैच पाकिस्तान के लिए करो या मरो की स्थिति वाला है, क्योंकि हारने पर उनकी सुपर 4 में एंट्री लगभग नामुमकिन हो जाएगी, जबकि यूएई के पास बड़ा उलटफेर करने का मौका है। हाल ही में 14 सितंबर को भारत के खिलाफ सात विकेट से हार के बाद पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा और कोच माइक हेसन ने हैंडशेक न होने पर कड़ी नाराजगी जताई, जिसने पूरे टूर्नामेंट को सुर्खियों में ला दिया। विश्वसनीय स्रोतों जैसे लाइवमिंट और ईएसपीएनक्रिकइंफो के अनुसार, इस घटना ने क्रिकेट की खेल भावना पर सवाल उठाए हैं, और पाकिस्तान की देरी से पहुंचने की वजह इसी विवाद से जुड़ी बताई जा रही है। आइए इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं, जिसमें राजनीतिक तनाव, क्रिकेट डिप्लोमेसी और आईसीसी की भूमिका शामिल है।

भारत और पाकिस्तान के बीच हैंडशेक विवाद क्या है?

यह ड्रामा 14 सितंबर को दुबई में खेले गए भारत-पाकिस्तान मैच के बाद शुरू हुआ, जहां पाकिस्तान को सात विकेट से करारी हार मिली। मैच खत्म होने के बाद पारंपरिक पोस्ट-मैच हैंडशेक नहीं हुआ, जो क्रिकेट की लंबे समय से चली आ रही परंपरा है। भारत ने इसकी वजह pahalgam आतंकी हमले से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं को बताया, जो इस साल की शुरुआत में जम्मू-कश्मीर के pahalgam इलाके में हुआ था और जिसमें कई लोग प्रभावित हुए थे। इस हमले ने दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा दिया था, और भारत ने इसे आधार बनाकर हैंडशेक से इनकार किया।

पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा इतने नाराज हुए कि उन्होंने पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन सेरेमनी का पूरी तरह बहिष्कार कर दिया, जो आमतौर पर मैच के बाद पुरस्कार वितरण और इंटरव्यू के लिए होती है। कोच माइक हेसन ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हमारे खिलाड़ी बाउंड्री लाइन पर खड़े होकर इंतजार कर रहे थे कि मैच के बाद हाथ मिलाएंगे, लेकिन यह क्रिकेट की दोस्ती और सम्मान की परंपरा का उल्लंघन था।” हेसन ने आगे जोड़ा कि इससे टीम का मनोबल प्रभावित हुआ, खासकर ऐसे हाई-प्रोफाइल मैच में जहां भावनाएं पहले से ही उफान पर होती हैं।

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने इस मामले में मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट को जिम्मेदार ठहराया। पीसीबी का आरोप है कि पाइक्रॉफ्ट ने टॉस के समय दोनों कप्तानों को हैंडशेक न करने की सख्त हिदायत दी थी और यहां तक कि टीम शीट (प्लेइंग इलेवन की लिस्ट) का आदान-प्रदान भी रोका, जो सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। पीसीबी का दावा है कि यह फैसला भारत के पक्ष में था, और इससे पाकिस्तान को अपमानित महसूस हुआ। यह मैच अप्रैल में सीमा पार तनाव के बाद दोनों टीमों का पहला मुकाबला था, जिसने एक साधारण खेल परंपरा को राजनयिक विवाद में बदल दिया। टूर्नामेंट से पहले भी भारत में बॉयकॉट की मांगें उठी थीं, जहां कुछ संगठनों ने सुरक्षा कारणों से मैच न खेलने की अपील की थी।

क्रिकेट इतिहास में भारत-पाकिस्तान मैच हमेशा से ही राजनीतिक पृष्ठभूमि के साथ जुड़े रहे हैं, जैसे 1999 विश्व कप या 2007 टी20 विश्व कप के दौरान भी तनाव देखे गए। ईएसपीएनक्रिकइंफो और बीबीसी स्पोर्ट्स जैसे विश्वसनीय स्रोतों के अनुसार, ऐसे विवाद क्रिकेट को राजनीति से अलग रखने की चुनौती को उजागर करते हैं, और आईसीसी को ऐसे मामलों में निष्पक्ष दिशानिर्देश बनाने की जरूरत है। इस घटना ने सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा बटोरी, जहां फैंस ने खेल भावना बनाम राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच बहस छेड़ दी।

पीसीबी बनाम आईसीसी: गर्मागर्म टकराव

15 सितंबर को पाकिस्तान टीम मैनेजर नवेद चीमा ने आईसीसी को औपचारिक शिकायत पत्र भेजा, जिसमें मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट पर पक्षपात का आरोप लगाया गया और उनकी एशिया कप से तुरंत हटाने की मांग की गई। पीसीबी चीफ मोहसिन नकवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया, “पीसीबी मैच रेफरी को एशिया कप से तुरंत हटाने की मांग करता है,” लेकिन व्यापक बैकलैश और आलोचना के बाद इसे डिलीट कर दिया। नकवी का यह बयान पाकिस्तान में भी विवादास्पद रहा, क्योंकि कुछ ने इसे अनप्रोफेशनल बताया।

आईसीसी ने 16 सितंबर को इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया। आईसीसी का बयान था कि पाइक्रॉफ्ट ने मैच से पहले तय किए गए प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया, जिसमें सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखा गया था, इसलिए उन पर कोई दोष नहीं बनता। आईसीसी ने आगे स्पष्ट किया कि ऐसे फैसले टूर्नामेंट की सुरक्षा नीतियों के तहत लिए जाते हैं, जो सभी टीमों पर समान रूप से लागू होते हैं। फिर भी, पीसीबी ने शाम को दूसरा पत्र भेजा, जिसमें रिची रिचर्डसन को पाइक्रॉफ्ट की जगह नियुक्त करने की मांग की गई और यूएई के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने की धमकी दी।

इस धमकी के चलते पाकिस्तान ने प्री-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द कर दी, लेकिन आईसीसी एकेडमी में नेट प्रैक्टिस सेशन जारी रखा, जो उनके मिश्रित इरादों को दर्शाता है – एक तरफ विवाद, दूसरी तरफ मैच की तैयारी। 17 सितंबर को जैसे ही मैच का दिन आया, यूएई टीम समय पर दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम पहुंच गई और बड़ा उलटफेर करने के लिए तैयार दिखी। लेकिन पाकिस्तान टीम होटल में ही रुकी रही, जहां खिलाड़ियों को कथित तौर पर निर्देश दिए गए थे कि वे न निकलें। किट बैग पैक किए गए, बसें लोड हुईं, लेकिन टीम ने देरी की, जिससे मैच फोरफिट होने का खतरा पैदा हो गया। फोरफिट होने पर यूएई को दो अंक मिलते, वे सुपर 4 में पहुंच जाते, और पाकिस्तान का टूर्नामेंट खत्म हो जाता।

तनावपूर्ण बातचीत और नेगोशिएशन के बाद, जिसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का हस्तक्षेप बताया जा रहा है, टीम बस आखिरकार होटल से निकली, लेकिन मूल शेड्यूल से काफी देर हो चुकी थी। आईसीसी के नियमों के अनुसार, ऐसी देरी पर जुर्माना या सजा हो सकती है, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ। क्रिकेट विशेषज्ञों, जैसे कि लाइवमिंट और क्रिकबज से मिली जानकारी के आधार पर, ऐसे स्टैंडऑफ क्रिकेट की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचाते हैं और आईसीसी को विवाद सुलझाने के लिए मजबूत मैकेनिज्म विकसित करने चाहिए। इस मामले ने पाकिस्तान क्रिकेट को आर्थिक नुकसान की चिंता भी बढ़ा दी है, क्योंकि एशिया कप से बाहर होने पर पीसीबी को लाखों डॉलर का घाटा हो सकता है, जिसमें ब्रॉडकास्टिंग राइट्स और स्पॉन्सरशिप शामिल हैं।

दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन

पाकिस्तान की टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का मिश्रण है: सैम अयूब (ओपनर, हाल ही में अच्छी फॉर्म में), साहिबजादा फरहान (ओपनर), मोहम्मद हारिस (विकेटकीपर-बल्लेबाज, आक्रामक स्टाइल के लिए जाना जाता है), फखर जमान (मध्यक्रम बल्लेबाज, पावर हिटिंग में माहिर), सलमान आगा (कप्तान, ऑलराउंडर जो बल्ले और गेंद दोनों से योगदान देते हैं), खुशदिल शाह (मध्यक्रम, स्पिन के खिलाफ मजबूत), हसन नवाज (युवा बल्लेबाज), मोहम्मद नवाज (स्पिन ऑलराउंडर), शाहीन अफरीदी (फास्ट बॉलर, पाकिस्तान की गेंदबाजी की रीढ़), हारिस रऊफ (फास्ट बॉलर, गति के लिए मशहूर), और अबरार अहमद (मिस्ट्री स्पिनर)। यह लाइनअप पाकिस्तान की मजबूत गेंदबाजी पर निर्भर करता है, खासकर शाहीन और रऊफ की जोड़ी पर।

संयुक्त अरब अमीरात की टीम: अलीशान शराफू (ओपनर), मुहम्मद वसीम (कप्तान, अनुभवी बल्लेबाज), आसिफ खान (मध्यक्रम), मुहम्मद जोहैब (बल्लेबाज), हर्षित कौशिक (ऑलराउंडर), राहुल चोपड़ा (विकेटकीपर), ध्रुव पराशर (ऑलराउंडर), हैदर अली (गेंदबाज), मुहम्मद रोहिद खान (फास्ट बॉलर), सिमरनजीत सिंह (स्पिनर), और जुनैद सिद्दीकी (फास्ट बॉलर)। यूएई की टीम उलटफेर करने वाली मानी जाती है, खासकर घरेलू परिस्थितियों में, जहां他们的 गेंदबाज सूखी पिचों पर अच्छा प्रदर्शन करते हैं। आईसीसी की आधिकारिक रिपोर्ट्स के अनुसार, यूएई ने हाल के मैचों में अच्छी तैयारी दिखाई है।

एशिया कप ग्रुप ए पॉइंट्स टेबल

ग्रुप ए में भारत दो मैचों में दो जीत के साथ शीर्ष पर काबिज है, उनके 4 अंक हैं और नेट रन रेट (एनआरआर) +4.793 है, जो उनकी मजबूत शुरुआत को दर्शाता है। पाकिस्तान के भी दो अंक हैं (एक जीत और एक हार से), उनका एनआरआर +1.649 है, जो भारत के खिलाफ हार के बावजूद सकारात्मक है। यूएई के भी दो अंक हैं (एक जीत और एक हार), लेकिन उनका एनआरआर -2.030 है, जो उन्हें थोड़ा पीछे रखता है। ओमान बिना किसी जीत के सबसे नीचे है, उनके शून्य अंक हैं।

आज के मैच में जीतने वाली टीम सीधे सुपर 4 में जगह बना लेगी, जबकि हारने वाली टीम का सफर खत्म हो सकता है। अगर मैच टाई होता है या बारिश से प्रभावित होता है, तो एनआरआर निर्णायक होगा। आईसीसी की आधिकारिक वेबसाइट और क्रिकेट न्यूज पोर्टल्स जैसे क्रिकइंफो के आधार पर, ग्रुप ए में प्रतिस्पर्धा बहुत कड़ी है, जहां पाकिस्तान को अपनी गेंदबाजी की ताकत का फायदा उठाना होगा, जबकि यूएई घरेलू फायदा और कम दबाव के साथ खेल सकती है। भारत पहले ही क्वालीफाई कर चुका है, लेकिन अन्य टीमों की संभावनाएं इस मैच पर निर्भर हैं – उदाहरण के लिए, अगर पाकिस्तान जीतता है, तो उनका एनआरआर और मजबूत हो सकता है, जबकि यूएई की जीत टूर्नामेंट में बड़ा सरप्राइज होगी।