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WhatsApp जल्द ही यूज़र्स को अरट्टाई कॉन्टैक्ट्स को मैसेज करने देगा: श्रीधर वेम्बू ने बड़े बदलाव का संकेत दिया।

WhatsApp अपने यूजर्स के लिए लगातार नए-नए फीचर्स लेकर आ रहा है। हाल ही में जोहो कंपनी के संस्थापक और फाउंडर श्रीधर वेम्बू ने एक बड़ा संकेत दिया है कि व्हाट्सऐप जल्द ही यूज़र्स को अपनी अरट्टाई (Arattai) कॉन्टैक्ट्स को सीधे मैसेज करने की सुविधा प्रदान कर सकता है। अरट्टाई जो एक मैसेजिंग ऐप है, जो हाल ही में भारत में बहुत तेजी से लोकप्रिय हुआ है और व्हाट्सऐप को कड़ी टक्कर दे रहा है। यह बदलाव डिजिटल चैटिंग की दुनिया में क्रांति ला सकता है।

यह नया फीचर WhatsApp यूजर्स को बिना ऐप बदले, अरट्टाई जैसे दूसरे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के यूजर्स को मैसेज भेजने की अनुमति देगा। यह क्रॉस-मैसेजिंग फीचर फिलहाल बीटा टेस्टिंग में है और आने वाले समय में इसे व्यापक रूप से पेश किया जाएगा। इसका मतलब है कि यूजर्स को अलग-अलग ऐप खोलने की जरूरत नहीं होगी, और कोई भी चैट प्लेटफॉर्म की दीवार को पार कर पाएगा।

अरट्टाई ऐप की लोकप्रियता और WhatsApp के लिए चुनौती

अरट्टाई ऐप जो कि जोहो कंपनी द्वारा विकसित किया गया है, ने हाल के महीनों में भारत में जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, यह ऐप 3 दिनों में 100 गुना ज्यादा बढ़ गया है। इसमें यूजर्स को मैसेजिंग के अलावा वॉइस और वीडियो कॉल की सुविधा भी मिलती है, साथ ही स्टोरीज क्रिएट करने और चैनल मैनेज करने जैसे फीचर्स भी हैं।

फीचर WhatsApp अरट्टाई (Arattai)
यूजर बेस विशाल और विश्व स्तर पर तेजी से बढ़ रहा है खासकर भारत में
मैसेजिंग एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन अभी टेस्टिंग में, जल्द लागू होगा
वॉयस/वीडियो कॉल उपलब्ध, सुरक्षित उपलब्ध, सुरक्षित होने का दावा
ग्रुप चैट्स समर्थित समर्थित
स्टोरीज और चैनल्स नहीं हाँ, यंग यूजर्स के लिए खास
क्रॉस-मैसेजिंग फीचर नई टेस्टिंग मूल ऐप, क्रॉस-मैसेजिंग की पहल

अरट्टाई के बढ़ते यूजर बेस और फीचर्स ने WhatsApp को भी नए फीचर्स के विकास के लिए प्रेरित किया है। दोनों ऐप्स के बीच मुकाबला डिजिटल मैसेजिंग परिदृश्य को और रोचक बनाता जा रहा है।

श्रीधर वेम्बू का बड़ा संकेत: एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन भी जल्द आएगा

श्रीधर वेम्बू ने हाल ही में घोषणा की है कि अरट्टाई ऐप में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन फीचर की टेस्टिंग शुरू हो चुकी है। यह फीचर WhatsApp जैसे मैसेजिंग ऐप्स का सबसे महत्वपूर्ण और भरोसेमंद सुरक्षा उपाय है, जो यूजर्स के संदेशों को पूरी तरह सुरक्षित रखता है।

उनके अनुसार, एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का डिफॉल्ट रूप से लागू करना लागत के लिहाज से ज्यादा फायदे वाला होगा। इससे यूजर्स को बिना किसी चिंता के सभी चैट्स की सुरक्षा का भरोसा मिलेगा। सवाल उठता है कि इसे डिफॉल्ट रूप से ही सब चैट्स पर लागू किया जाए या यूजर्स को विकल्प दिया जाए कि वे इसे चुनें। श्रीधर वेम्बू इस पर यूजर्स की राय भी मांग रहे हैं।

एन्क्रिप्शन विकल्प फायदे नुकसान
डिफॉल्ट एन्क्रिप्शन पूरी सुरक्षा, सरल उपयोग अधिक संसाधन और लागत
ऑप्शनल एन्क्रिप्शन यूजर को नियंत्रण सुरक्षा में भिन्नता

यह बात स्पष्ट है कि एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन की उपस्थिति से अरट्टाई ऐप की उपयोगिता और लोकप्रियता दोनों में वृद्धि होगी।

WhatsApp के नए फीचर्स और अपडेट्स

WhatsApp ने 2025 में कई नए अपडेट पेश किए हैं जो यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाते हैं। इनमें एनिमेटेड इमोजी, मूविंग स्टिकर, अवतार सोशल स्टिकर्स, लाइव फोटो और मोशन फोटो शेयरिंग शामिल हैं। साथ ही, Meta AI के जरिए चैट थीम और कॉल बैकग्राउंड को कस्टमाइज करने के नए विकल्प भी मिले हैं।

फीचर विवरण
एनिमेटेड इमोजी और स्टिकर बातचीत को और रोमांचक बनाना
अवतार सोशल स्टिकर निजी संचार में नया जुड़ाव
लाइव Photos और मोशन Photos फोटो के साथ वीडियो अनुभव
Meta AI चैट थीम AI से कस्टमाइज्ड थीम्स

ये अपडेट्स WhatsApp को और अधिक इंटरैक्टिव और उपयोगी बनाते हैं, जिससे यूजर्स के बीच जुड़ाव बढ़ता है।

क्रॉस-मैसेजिंग फीचर का महत्व

क्रॉस-मैसेजिंग फीचर का मतलब है कि अलग-अलग मैसेजिंग ऐप के यूजर्स एक-दूसरे से सीधे संवाद कर सकते हैं। यह सुविधा डिजिटल कम्युनिकेशन में बेमिसाल बदलाव ला सकती है क्योंकि यूजर्स को कई ऐप्स के बीच स्विच नहीं करना पड़ेगा।

यह फीचर WhatsApp की ओर से टेस्टिंग में है और संभवतः भविष्य में अन्य ऐप्स जैसे अरट्टाई के साथ भी इंटरऑपरेबिलिटी मिलेगी। इससे व्यापक स्तर पर यूजर बेस और कम्युनिकेशन की सीमा बढ़ेगी।

निष्कर्ष

WhatsApp जल्द ही यूज़र्स को अरट्टाई कॉन्टैक्ट्स को मैसेज करने देगा यह खबर डिजिटल मैसेजिंग के भविष्य के लिए एक बड़ा कदम है। जोहो के संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने इस बदलाव की पुष्टि करते हुए कहा है कि यह फीचर यूजर्स के अनुभव को और बेहतर बनाएगा।

अरट्टाई ऐप की लोकप्रियता और उसके नए एन्क्रिप्शन फीचर की टेस्टिंग यह दर्शाती है कि भारतीय उपयोगकर्ता अब अपने स्थानीय ऐप को भी उतनी ही प्राथमिकता देने लगे हैं जितनी कि वैश्विक प्लेटफॉर्म को। WhatsApp की ओर से क्रॉस-मैसेजिंग फीचर लाने की तैयारी से यह साफ है कि भविष्य में संवाद सीमाओं का कोई ठोस बंधन नहीं रहेगा।

इस क्रांतिकारी बदलाव के साथ, यूजर्स को चैटिंग का नया, आसान, और सुरक्षित अनुभव मिलेगा। यह डिजिटल दुनिया में संवाद की नई इबारत लिखेगा