10 यूपीआई, वॉलेट और बैंक नवाचार 2026 में नेपाल में बदलाव ला रहे हैं
नेपाल में डिजिटल पेमेंट्स का विकास तेज हो गया है। नेपाल राष्ट्र बैंक के आंकड़ों से पता चलता है कि 2024/25 में इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजेक्शन का मूल्य 98.43 ट्रिलियन रुपये पहुंच गया। यह आंकड़ा 2020/21 के 34.42 ट्रिलियन से लगभग तीन गुना ज्यादा है। यूपीआई का आगमन भारत-नेपाल सीमा पार भुगतान को आसान बनाता है। डिजिटल वॉलेट्स जैसे ईसेवा और खल्ती लाखों लोगों को नकद पर निर्भरता से मुक्ति दे रहे हैं। 2026 में ये 10 इनोवेशन अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे।
सरल शब्दों में कहें तो ये बदलाव छोटे व्यापारियों से लेकर आम नागरिकों तक सबके लिए फायदेमंद साबित होंगे।
1. यूपीआई का पूर्ण एकीकरण
नेपाल में यूपीआई इंटीग्रेशन आने वाले समय में सबसे बड़ा बदलाव माने जा रहा है। यह सिस्टम भारत की तरह रीयल‑टाइम पेमेंट की सुविधा देता है, जिससे सेकंडों में पैसा एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में पहुंच जाता है। सीमा पार भुगतान के लिए यह खास तौर पर उपयोगी है, क्योंकि नेपाल आने वाले भारतीय पर्यटक अपने मोबाइल से सीधे क्यूआर कोड स्कैन करके भुगतान कर सकते हैं। इससे नकद रखने की जरूरत कम होती है और मनी एक्सचेंज की दिक्कत भी काफी हद तक खत्म हो जाती है। छोटे दुकानदार, होटल, टैक्सी ड्राइवर और टूर ऑपरेटर यूपीआई की मदद से आसानी से डिजिटल पेमेंट स्वीकार कर सकते हैं।
बैंक और पेमेंट नेटवर्क मिलकर यूपीआई को लोकल पेमेंट सिस्टम से जोड़ रहे हैं, ताकि सेटलमेंट सुरक्षित और तेज हो सके। आने वाले समय में उम्मीद है कि यूपीआई ट्रांजेक्शन वॉल्यूम लगातार बढ़ेगा और यह सिस्टम नेपाल के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम का अहम हिस्सा बन जाएगा। इस तरह यूपीआई नेपाल की इकोनॉमी को ज्यादा औपचारिक और पारदर्शी बनाने में बड़ा योगदान देगा।
| विशेषता | लाभ |
| वास्तविक समय भुगतान | तुरंत पैसा मिलता है |
| क्यूआर कोड | कोई मशीन की जरूरत नहीं |
| सीमा पार | भारत से आसान रेमिटेंस |
2. ईसेवा: बाजार का नेता
ईसेवा नेपाल में डिजिटल वॉलेट की दुनिया का सबसे जाना‑पहचाना नाम बन चुका है। लाखों लोग मोबाइल रिचार्ज, बिजली‑पानी का बिल, इंटरनेट बिल और टिकट बुकिंग जैसे रोजमर्रा के पेमेंट्स के लिए ईसेवा का इस्तेमाल करते हैं। इसका इंटरफेस काफी सरल है, इसलिए पहली बार डिजिटल पेमेंट इस्तेमाल करने वाले यूजर भी आसानी से इसे सीख लेते हैं। ईसेवा अलग‑अलग बैंक अकाउंट और पेमेंट नेटवर्क से जुड़कर एक तरह का “सुपर पेमेंट प्लेटफॉर्म” बन गया है, जहां यूजर को कई सर्विस एक ही जगह मिलती हैं।
कैशबैक, डिस्काउंट और लॉयल्टी रिवॉर्ड्स के कारण युवा यूजर खास तौर पर इस ऐप की तरफ आकर्षित होते हैं। व्यापारियों के लिए भी यह फायदेमंद है, क्योंकि क्यूआर कोड या पेमेंट लिंक के जरिए वे तुरंत पेमेंट स्वीकार कर सकते हैं। समय के साथ ईसेवा ने माइक्रोइंश्योरेंस, टॉप‑अप लोन और ऑनलाइन शॉपिंग जैसी सुविधाएं भी जोड़ दी हैं। 2026 की ओर बढ़ते हुए यह प्लेटफॉर्म और ज्यादा फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स जोड़कर अपने इकोसिस्टम को मजबूत कर सकता है।
| सेवा | ट्रांजेक्शन वॉल्यूम (2024/25) |
| बिल पेमेंट | 50% से ज्यादा शेयर |
| मनी ट्रांसफर | तेज और मुफ्त |
| ई-कॉमर्स | बढ़ती साझेदारी |
3. खल्ती: आईएमई के साथ मजबूत
खल्ती नेपाल में तेजी से बढ़ने वाला एक और लोकप्रिय डिजिटल वॉलेट है, जो अब आईएमई पे के साथ मिलकर और भी ताकतवर बन गया है। इस मर्जर से खल्ती को रेमिटेंस नेटवर्क, एजेंट पॉइंट्स और बड़े यूजर बेस का फायदा मिलता है। खल्ती का ऐप डिजाइन साफ और सरल है, जिसमें अलग‑अलग सर्विसेस को स्पष्ट सेक्शन में रखा गया है, ताकि यूजर बिना कंफ्यूजन के अपना काम कर सकें। बिल पेमेंट, मोबाइल रिचार्ज, टीवी सब्सक्रिप्शन, इवेंट टिकट और ऑनलाइन शॉपिंग जैसे कई काम इस एक ऐप से पूरे हो जाते हैं। सिक्योरिटी के लिए खल्ती में पिन, ओटीपी और बायोमेट्रिक लॉक जैसी सुविधाएं दी जाती हैं, जिससे यूजर अपने पैसे को लेकर निश्चिंत महसूस करते हैं।
विदेश में काम करने वाले नेपाली नागरिकों के लिए खल्ती‑आईएमई नेटवर्क पैसे भेजने और प्राप्त करने का आसान माध्यम बन सकता है। भविष्य में यह प्लेटफॉर्म छोटे लोन, बचत योजनाएं और बीमा जैसे प्रोडक्ट्स भी और व्यापक स्तर पर दे सकता है। इस तरह खल्ती शहरी और ग्रामीण दोनों तरह के यूजर्स को डिजिटल इकोनॉमी से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रहा है।
| फायदा | विवरण |
| मर्जर लाभ | ज्यादा यूजर्स |
| सिक्योरिटी | फिंगरप्रिंट लॉक |
| रेमिटेंस | सस्ता ट्रांसफर |
4. आईएमई पे: रेमिटेंस किंग
आईएमई पे मूल रूप से रेमिटेंस सर्विस के लिए जाना जाता है और इसे नेपाली प्रवासी समुदाय का भरोसेमंद नाम माना जाता है। विदेश में काम करने वाले लाखों नेपाली अपने परिवारों को पैसा भेजने के लिए आईएमई के नेटवर्क का उपयोग करते हैं। डिजिटल वॉलेट के रूप में आईएमई पे ने इस पूरी प्रक्रिया को और भी आसान और तेज बना दिया है, क्योंकि अब पैसे सीधे वॉलेट या बैंक अकाउंट में पहुंच सकते हैं। यह सर्विस उन परिवारों के लिए बेहद उपयोगी है जो गांवों या दूरदराज के इलाकों में रहते हैं, जहां पारंपरिक बैंकिंग सुविधाएं सीमित हैं। आईएमई पे एजेंट पॉइंट्स और डिजिटल चैनल को जोड़कर एक हाइब्रिड मॉडल बनाता है, जिससे कैश‑इन और कैश‑आउट दोनों आसान हो जाते हैं।
लो ट्रांजेक्शन चार्ज और विश्वसनीय सेवा के कारण यूजर इसे लंबे समय तक इस्तेमाल करते हैं और ब्रांड के प्रति वफादार बने रहते हैं। समय के साथ आईएमई पे ने बिल पेमेंट, मोबाइल टॉप‑अप और ऑनलाइन पेमेंट जैसे फीचर्स भी जोड़े हैं। खल्ती के साथ साझेदारी के बाद इसका डिजिटल फूटप्रिंट और बड़ा हो गया है। आने वाले वर्षों में यह प्लेटफॉर्म क्रॉस‑बॉर्डर यूपीआई और अन्य पेमेंट सिस्टम से जुड़कर और भी आधुनिक बन सकता है।
| आंकड़ा | मूल्य (2024/25) |
| यूजर्स | 5 मिलियन+ |
| वॉल्यूम | 100 बिलियन+ NPR |
5. फोनपे नेटवर्क: क्यूआर क्रांति
फोनपे नेपाल का प्रमुख पेमेंट नेटवर्क है, जो पूरे देश में क्यूआर‑आधारित पेमेंट्स को बढ़ावा दे रहा है। इस नेटवर्क की मदद से अलग‑अलग बैंक, वॉलेट और पेमेंट सर्विस एक दूसरे से कनेक्ट हो पाते हैं, जिससे इंटरऑपरेबिलिटी बेहतर होती है। दुकानों, रेस्टोरेंट, पेट्रोल पंप, हॉस्पिटल और छोटे कारोबारी अपने काउंटर पर फोनपे क्यूआर लगा कर डिजिटल पेमेंट ले सकते हैं। कस्टमर को बस अपने पसंदीदा वॉलेट या मोबाइल बैंकिंग ऐप से क्यूआर स्कैन करना होता है, और पेमेंट तुरंत पूरा हो जाता है। इससे कार्ड मशीन या महंगे हार्डवेयर की जरूरत नहीं पड़ती, जो छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए बड़ी राहत है।
फोनपे नेटवर्क ने ग्रामीण और अर्ध‑शहरी इलाकों में भी क्यूआर पेमेंट्स का विस्तार किया है, जिससे वहां के व्यापार भी धीरे‑धीरे कैशलेस मॉडल की ओर बढ़ रहे हैं। यूपीआई इंटीग्रेशन के बाद यह नेटवर्क भारत से आने वाले पेमेंट्स को भी सपोर्ट कर सकता है, जिससे टूरिज्म और क्रॉस‑बॉर्डर बिजनेस को फायदा होगा। जैसे‑जैसे ज्यादा लोग स्मार्टफोन अपनाएंगे, फोनपे क्यूआर नेपाल के डिजिटल कॉमर्स का सामान्य पेमेंट तरीका बन सकता है।
| नेटवर्क | कवरेज |
| मर्चेंट | 2 लाख+ |
| क्यूआर | पूरे देश |
| यूपीआई | भारत से |
6. सीबीडीसी पायलट लॉन्च
नेपाल राष्ट्र बैंक सीबीडीसी को 2026 में पायलट के रूप में लॉन्च करने की योजना बना रहा है। यह डिजिटल करेंसी केंद्रीय बैंक द्वारा जारी होगी और पारंपरिक नकद की तरह इस्तेमाल होगी। व्होलसेल सीबीडीसी पहले इंटरबैंक सेटलमेंट के लिए आएगी, जिससे बड़े ट्रांजेक्शन तेज और सस्ते होंगे। रिटेल वर्जन बाद में आएगा, जो आम लोगों को डिजिटल रुपये इस्तेमाल करने का मौका देगा। इससे नकद की निर्भरता कम होगी और अर्थव्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी।
सीबीडीसी ब्लॉकचेन तकनीक पर चलेगा, जो फ्रॉड को रोकने में मदद करेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां बैंक कम हैं, वहां यह मोबाइल वॉलेट से जुड़कर फाइनेंशियल इनक्लूजन लाएगा। नेपाल जैसे विकासशील देश के लिए यह कदम डिजिटल इकोनॉमी को मजबूत बनाएगा। आने वाले समय में सीबीडीसी अन्य पेमेंट सिस्टम से इंटीग्रेट होकर एक नया स्टैंडर्ड सेट कर सकता है।
| चरण | समय |
| पायलट | 2026 |
| फुल रोलआउट | 2027 |
| लाभ | सस्ता, सुरक्षित |
7. एआई बैंकिंग टूल्स
एआई नेपाल के बैंकिंग सेक्टर में क्रांति ला रहा है, खासकर फ्रॉड डिटेक्शन और कस्टमर सर्विस में। 2025 में नेपाल राष्ट्र बैंक ने एआई के इस्तेमाल पर गाइडलाइंस जारी कीं, जिससे बैंक सुरक्षित तरीके से इसे अपनाएं। एआई अल्गोरिदम संदिग्ध ट्रांजेक्शन को रीयल-टाइम में पकड़ लेते हैं, जिससे यूजर का पैसा सुरक्षित रहता है। लोन अप्रूवल प्रोसेस अब मिनटों में पूरा होता है, क्योंकि एआई क्रेडिट स्कोर और डेटा एनालिसिस करता है। चैटबॉट्स और वॉयस असिस्टेंट 24/7 क्वेरी हल करते हैं, जिससे ब्रांच विजिट कम हो जाते हैं।
पर्सनलाइज्ड सर्विस जैसे कस्टम सेविंग प्लान और इनवेस्टमेंट सलाह एआई से मिल रही है। ग्रामीण यूजर्स के लिए नेपाली भाषा में एआई सपोर्ट आ रहा है। 2026 में एआई बैंकिंग और व्यापक होगी, जो डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को तेज करेगी। इससे बैंकिंग सस्ती और कुशल बनेगी।
| एआई यूज | उदाहरण |
| फ्रॉड डिटेक्शन | रीयल-टाइम अलर्ट |
| लोन अप्रूवल | 5 मिनट में |
| कस्टमर सर्विस | वॉयस असिस्टेंट |
8. डिजिटल फाइनेंस इनोवेशन हब
नेपाल राष्ट्र बैंक ने 2025 में डिजिटल फाइनेंस इनोवेशन हब लॉन्च किया, जो फिनटेक स्टार्टअप्स के लिए टेस्टिंग ग्राउंड है। यहां नई पेमेंट सॉल्यूशंस जैसे वर्चुअल कार्ड्स और एडवांस्ड क्यूआर को सेफ एनवायरनमेंट में चेक किया जाता है। हब बैंक और फिनटेक कंपनियों को पार्टनरशिप के लिए जोड़ता है, जिससे इनोवेशन तेज होता है। रेगुलेटरी सैंडबॉक्स की तरह यह हब जोखिम कम करता है और स्केलेबल प्रोडक्ट्स बनाता है। छोटे डेवलपर्स को मेंटरिंग और फंडिंग मिलती है।
क्यूआर पेमेंट्स और ओपन बैंकिंग फीचर्स यहां से देशभर फैल रहे हैं। ग्रामीण फाइनेंशियल सर्विसेज के लिए स्पेशल प्रोजेक्ट चल रहे हैं। 2026 में हब से कई नई ऐप्स लॉन्च होंगी। यह नेपाल को फिनटेक हब बनाने का कदम है।
| हब लाभ | विवरण |
| टेस्टिंग | सुरक्षित पर्यावरण |
| इनोवेशन | क्यूआर, कार्ड्स |
| पार्टनरशिप | बैंक-फिनटेक |
9. नेशनल पेमेंट स्विच
नेशनल पेमेंट स्विच 2021 से नेपाल में सभी डिजिटल वॉलेट्स और बैंकों को जोड़ रहा है। इससे इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ी है और एक वॉलेट से दूसरे में पैसा ट्रांसफर आसान हो गया। फास्टर पेमेंट सिस्टम ने ट्रिलियन्स NPR हैंडल किए, जो इकोनॉमी को बूस्ट देता है। स्विच कनेक्ट आईपीएस और आईबीएफटी को सपोर्ट करता है, जिससे ट्रांजेक्शन स्पीड बढ़ी। छोटे व्यापारियों को मल्टी-वॉलेट पेमेंट अब संभव है। ग्रामीण एरिया में एजेंट्स के जरिए स्विच काम करता है। 2024/25 में इसका वॉल्यूम कई गुना बढ़ा। 2026 में यूपीआई और सीबीडीसी से इंटीग्रेशन होगा। यह नेपाल के पेमेंट इकोसिस्टम को एकीकृत बनाएगा।
| सिस्टम | ग्रोथ |
| कनेक्ट आईपीएस | 10 गुना |
| फोनपे आईबीएफटी | तेज ट्रांसफर |
10. ओपन बैंकिंग और फिनटेक सैंडबॉक्स
ओपन बैंकिंग नेपाल में यूजर डेटा को सुरक्षित शेयर करके नई सर्विसेज पैदा कर रहा है। बैंक एपीआई के जरिए थर्ड-पार्टी ऐप्स को कनेक्ट करते हैं, जैसे पर्सनल फाइनेंस मैनेजर। नेपाल राष्ट्र बैंक का फिनटेक सैंडबॉक्स स्टार्टअप्स को लाइव टेस्टिंग की सुविधा देता है। डिजिटल केवाईसी से अकाउंट ओपनिंग आसान हुई। माइक्रोइंश्योरेंस और लोन प्रोडक्ट्स अब वॉलेट्स से जुड़ रहे हैं। ग्रामीण यूजर्स को फाइनेंशियल इनक्लूजन मिल रहा है। सैंडबॉक्स ने कई इनोवेटिव ऐप्स को अप्रूव किया। 2026 में ओपन एपीआई से ज्यादा ऐप्स आएंगे। यह नेपाल की डिजिटल इकोनॉमी को इनक्लूसिव बनाएगा।
| फीचर | प्रभाव |
| डिजिटल केवाईसी | आसान अकाउंट |
| सैंडबॉक्स | इनोवेशन |
| ओपन एपीआई | नई ऐप्स |
डिजिटल पेमेंट्स के आंकड़े
नेपाल में डिजिटल पेमेंट्स के आंकड़े साफ दिखाते हैं कि पिछले कुछ सालों में लोगों की आदतों में बड़ा बदलाव आया है। पहले ज्यादातर लेन-देन नकद में होता था, लेकिन अब मोबाइल बैंकिंग, क्यूआर पेमेंट और वॉलेट ट्रांजेक्शन तेज़ी से बढ़ रहे हैं। हाल के वर्षों में मोबाइल बैंकिंग के ज़रिए किए गए भुगतान कई गुना बढ़ चुके हैं और यह अब रोजमर्रा की जिंदगी का सामान्य हिस्सा बनते जा रहे हैं। क्यूआर कोड के ज़रिए दुकान, रेस्टोरेंट, टैक्सी और छोटे व्यापारियों तक डिजिटल पेमेंट पहुंच चुका है, जिससे छोटे लेन-देन भी अब ऑनलाइन होने लगे हैं। डिजिटल वॉलेट्स जैसे ईसेवा, खल्ती और आईएमई पे ने खास तौर पर युवाओं और शहरी आबादी में कैशलेस ट्रांजेक्शन को लोकप्रिय बनाया है।
इन आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि सिर्फ रकम ही नहीं, बल्कि ट्रांजेक्शन की संख्या में भी तेज़ उछाल आया है, यानी अब लोग कम रकम के लिए भी डिजिटल माध्यम चुन रहे हैं। सरकार और केंद्रीय बैंक की नीतियां, जैसे डिजिटल लिटरेसी प्रोग्राम और रेगुलेटरी सपोर्ट, इस ग्रोथ के पीछे एक बड़ा कारण रही हैं। अगर यही रफ्तार जारी रहती है, तो 2026 तक डिजिटल ट्रांजेक्शन कुल भुगतान प्रणाली का बहुत बड़ा हिस्सा बन सकते हैं और नकद की भूमिका धीरे-धीरे कम हो जाएगी।
| वर्ष | मोबाइल बैंकिंग (बिलियन NPR) | क्यूआर (बिलियन NPR) | वॉलेट (बिलियन NPR) |
| 2020/21 | 460 | 20 | 114 |
| 2024/25 | 5018 | 958 | 506 |
निष्कर्ष: समृद्ध नेपाल की ओर
डिजिटल पेमेंट्स, यूपीआई इंटीग्रेशन, वॉलेट्स और बैंकिंग इनोवेशन मिलकर नेपाल को एक अधिक आधुनिक और समावेशी अर्थव्यवस्था की ओर धकेल रहे हैं। जब भुगतान तेज, सस्ते और सुरक्षित हो जाते हैं, तो छोटे व्यापारियों, स्टार्टअप्स और आम नागरिकों के लिए नए अवसर पैदा होते हैं। डिजिटल ट्रांजेक्शन का मतलब है कि पैसा औपचारिक सिस्टम के भीतर घूमता है, जिससे सरकार को टैक्स कलेक्शन, प्लानिंग और पब्लिक सर्विस डिलीवरी में मदद मिलती है। ग्रामीण इलाकों में मोबाइल और क्यूआर पर आधारित समाधान, बैंक शाखाओं की कमी को काफी हद तक पूरा कर सकते हैं और फाइनेंशियल इनक्लूजन को आगे बढ़ा सकते हैं।
युवाओं के लिए यह डिजिटल इकोसिस्टम नए रोजगार, फिनटेक स्टार्टअप्स और टेक स्किल्स के अवसर लेकर आ रहा है, जो लंबे समय में समृद्धि की नींव तैयार करेगा। साथ ही, साइबर सुरक्षा, डिजिटल साक्षरता और मजबूत रेगुलेशन पर लगातार काम करना भी उतना ही ज़रूरी है, ताकि यह विकास टिकाऊ रहे। यदि नीति, तकनीक और शिक्षा तीनों साथ चलते रहे, तो 2026 और उसके बाद का दशक नेपाल के लिए सचमुच डिजिटल और आर्थिक रूप से मजबूत भविष्य का दौर बन सकता है।
