‘नवाचार-संचालित’ विकास को समझाने के लिए मोकिर, अघियोन और हॉविट को अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार
13 अक्टूबर 2025 को, अर्थशास्त्र में नोबेल स्मृति पुरस्कार की घोषणा हुई, जिसमें जोएल मोक्यर, फिलिप एगियन और पीटर हॉविट को “नवाचार-प्रेरित आर्थिक विकास” की स्पष्ट व्याख्या के लिए सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार आर्थिक विकास के मूल तत्वों को समझने में उनके योगदान को मान्यता देता है, विशेष रूप से रचनात्मक विनाश के सिद्धांत को, जो पुरानी तकनीकों को नष्ट कर नई नवाचारों को जन्म देता है। स्वीडिश रॉयल एकेडमी ऑफ साइंसेज ने इसे प्रदान किया, जो तकनीकी प्रगति के माध्यम से सतत आर्थिक वृद्धि की प्रक्रिया पर केंद्रित है।
विजेताओं की विस्तृत पृष्ठभूमि और शैक्षणिक यात्रा
ये तीनों अर्थशास्त्री विभिन्न दृष्टिकोणों से अर्थशास्त्र को समृद्ध करते हैं, जो ऐतिहासिक विश्लेषण से लेकर गणितीय मॉडलिंग तक फैले हुए हैं। जोएल मोक्यर, 79 वर्षीय डच मूल के अमेरिकी आर्थिक इतिहासकार, नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी में रॉबर्ट एच. स्ट्रोट्ज प्रोफेसर हैं। उन्होंने यूरोपीय आर्थिक इतिहास पर विशेषज्ञता हासिल की है, खासकर 1750 से 1914 तक की अवधि में, जहां उन्होंने तकनीकी प्रगति के आर्थिक और बौद्धिक मूलों का अध्ययन किया। मोक्यर का फोकस “उपयोगी ज्ञान” (useful knowledge) पर रहा है, जो उन्होंने औद्योगिक क्रांति के दौरान यूरोप में कैसे फैला, इसका विश्लेषण किया। उन्होंने सतत विकास के लिए तीन प्रमुख आवश्यकताओं की पहचान की: उपयोगी ज्ञान, यांत्रिक क्षमता (mechanical competence) और तकनीकी प्रगति को प्रोत्साहित करने वाली संस्थाएं। उनका कार्य दिखाता है कि नवाचार केवल संयोग नहीं, बल्कि वैज्ञानिक समझ और सामाजिक संरचनाओं पर निर्भर करता है।
फिलिप एगियन, 69 वर्षीय फ्रांसीसी अर्थशास्त्री, कोलेज डी फ्रांस, आईएनएसईएडी (पेरिस) और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से जुड़े हैं। उन्होंने माइक्रोइकोनॉमिक्स और विकास अर्थशास्त्र में योगदान दिया है, विशेष रूप से नवाचार के सूक्ष्म स्तर पर प्रभावों का अध्ययन। एगियन ने 2017 में फ्रेंच राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन की आर्थिक नीतियों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जहां उन्होंने बाजार सुधारों और निवेश को बढ़ावा देने पर जोर दिया। हाल ही में, 2024 में उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कमीशन की सह-अध्यक्षता की, जिसने फ्रांस को एआई में वैश्विक नेता बनाने के लिए 25 सिफारिशें प्रस्तुत कीं, जैसे अनुसंधान फंडिंग और नैतिक दिशानिर्देश। उनका कार्य नवाचार को उद्यमियों के प्रयासों से जोड़ता है, न कि आकस्मिक घटनाओं से।
पीटर हॉविट, 79 वर्षीय कनाडाई मूल के अर्थशास्त्री, ब्राउन यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं। उन्होंने मैक्रोइकोनॉमिक्स और विकास सिद्धांत पर काम किया है, विशेष रूप से शुम्पीटेरियन विकास मॉडल पर। हॉविट का योगदान रचनात्मक विनाश को गणितीय रूप से मॉडल करने में रहा, जहां नई तकनीकें पुरानी को विस्थापित करती हैं, लेकिन इससे सामाजिक संघर्ष भी उत्पन्न होते हैं। उन्होंने एगियन के साथ मिलकर मॉडल विकसित किया जो दिखाता है कि नवाचार लंबी अवधि की वृद्धि का इंजन है, लेकिन इसमें हारने वाले (जैसे पुरानी नौकरियां) भी शामिल होते हैं।
नोबेल समिति ने इन विजेताओं को रचनात्मक विनाश (creative destruction) की बेहतर व्याख्या और मात्रा निर्धारण के लिए सम्मानित किया, जो अर्थशास्त्री जोसेफ शुम्पीटर की 1942 की किताब “कैपिटलिज्म, सोशलिज्म एंड डेमोक्रेसी” से लिया गया सिद्धांत है। शुम्पीटर ने इसे पूंजीवाद का मूल तत्व बताया, जहां नवाचार पुरानी प्रक्रियाओं को नष्ट कर नई संभावनाएं पैदा करते हैं। मोक्यर ने ऐतिहासिक दृष्टि से दिखाया कि सतत नवाचार चक्र के लिए वैज्ञानिक व्याख्याएं आवश्यक हैं—केवल “यह काम करता है” पर्याप्त नहीं, बल्कि “यह क्यों काम करता है” जानना जरूरी है। उदाहरण के लिए, उन्होंने औद्योगिक क्रांति के दौरान कैसे ब्रिटेन में विज्ञान और इंजीनियरिंग का संयोजन विकास को गति दी, इसका विश्लेषण किया।
एगियन और हॉविट का 1992 का प्रभावशाली लेख “ए मॉडल ऑफ ग्रोथ थ्रू क्रिएटिव डिस्ट्रक्शन” ने अंतर्जात विकास (endogenous growth) का मॉडल प्रस्तुत किया, जहां प्रतिस्पर्धी अनुसंधान क्षेत्र से ऊर्ध्वाधर नवाचार (vertical innovations) उत्पन्न होते हैं। इस मॉडल में, नई उत्पादों की शुरुआत पुरानी कंपनियों को नुकसान पहुंचाती है, लेकिन कुल मिलाकर अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाती है। उन्होंने तीन मुख्य विचारों पर जोर दिया: नवाचार लंबी अवधि की वृद्धि का इंजन है, यह उद्यमियों द्वारा संचालित होता है, और रचनात्मक विनाश पुरानी तकनीकों को विस्थापित करता है। यह मॉडल माइक्रो और मैक्रो अर्थशास्त्र को जोड़ता है, जो नीति-निर्माताओं को बताता है कि कैसे नवाचार को प्रोत्साहित किया जाए बिना सामाजिक असमानता बढ़ाए।
विजेताओं की प्रतिक्रियाएं और वैश्विक मुद्दों पर उनके विचार
पुरस्कार घोषणा के तुरंत बाद, फिलिप एगियन ने स्टॉकहोम प्रेस कॉन्फ्रेंस में फोन पर अपनी आश्चर्य व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “मैं अपनी भावनाओं को शब्दों में व्यक्त नहीं कर पा रहा हूं।” एगियन ने पुरस्कार राशि (11 मिलियन स्वीडिश क्रोना का हिस्सा) को अपने शोध प्रयोगशाला में निवेश करने की योजना बताई, जो नवाचार पर केंद्रित है। जब पत्रकारों ने वर्तमान वैश्विक व्यापार युद्धों और संरक्षणवाद पर सवाल किया, तो एगियन ने अमेरिका की संरक्षणवादी नीतियों की निंदा की। उन्होंने कहा, “यह विश्व विकास और नवाचार के लिए हानिकारक है, क्योंकि बंद दरवाजे नवाचार के प्रवाह को रोकते हैं।” यह बयान वर्तमान भू-राजनीतिक तनावों, जैसे यूएस-चीन व्यापार विवाद, के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
मोक्यर ने नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के बयान में कहा कि यह सम्मान उनके ऐतिहासिक शोध को मान्यता देता है, जो संस्कृति को आर्थिक विकास के विश्लेषण में शामिल करता है। हॉविट ने जोर दिया कि रचनात्मक विनाश से उत्पन्न संघर्षों को हल करना आवश्यक है, ताकि समाज विकास के फल प्राप्त कर सके। इन प्रतिक्रियाओं से स्पष्ट है कि विजेता केवल सिद्धांतकार नहीं, बल्कि नीति प्रभावित करने वाले हैं।
पुरस्कार का महत्व, नीतिगत निहितार्थ और समिति का संदेश
नोबेल समिति के चेयर जॉन हसलर ने कहा, “विजेताओं का कार्य दर्शाता है कि आर्थिक विकास को स्वाभाविक नहीं समझा जा सकता। हमें रचनात्मक विनाश के तंत्रों को मजबूत करना होगा, वरना ठहराव आ सकता है।” यह पुरस्कार वर्तमान चुनौतियों, जैसे एआई और हरित ऊर्जा में नवाचार, के लिए प्रासंगिक है, जहां पुरानी उद्योगों को बदलना आवश्यक है। उदाहरण के लिए, एगियन की एआई रिपोर्ट फ्रांस को डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में आगे रखने पर जोर देती है, जो वैश्विक विकास मॉडल प्रदान करती है। नीतिगत रूप से, यह सुझाव देता है कि सरकारें अनुसंधान को प्रोत्साहित करें, बौद्धिक संपदा अधिकार मजबूत करें, और पुनर्कालीनता (reskilling) कार्यक्रम चलाएं।
पुरस्कार राशि 11 मिलियन स्वीडिश क्रोना (लगभग 1.05 मिलियन यूरो या 12 लाख अमेरिकी डॉलर) है, जिसमें आधी मोक्यर को और बाकी एगियन-हॉविट के बीच बंटेगी। विजेताओं को 18 कैरेट सोने का पदक और डिप्लोमा भी प्रदान किया जाएगा, जो 10 दिसंबर को स्टॉकहोम में अन्य नोबेल पुरस्कारों के साथ वितरित होगा।
अर्थशास्त्र नोबेल पुरस्कार का ऐतिहासिक संदर्भ
यह पुरस्कार औपचारिक रूप से “अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में स्वीडन के बैंक का अर्थशास्त्र में पुरस्कार” है। स्वीडिश सेंट्रल बैंक (रिक्षबैंक) ने इसे 1968 में स्थापित किया, अल्फ्रेड नोबेल की 300वीं वर्षगांठ पर। नोबेल, 19वीं सदी के डायनामाइट आविष्कारक और शांतिवादी, ने मूल पांच पुरस्कार (चिकित्सा, भौतिकी, रसायन, साहित्य, शांति) बनाए। अर्थशास्त्र पुरस्कार 1969 से शुरू हुआ, पहला रग्नार फ्रिश और जान टिनबर्गेन को। तब से 57 बार (2025 सहित) प्रदान किया गया, 97 विजेताओं को, जिनमें केवल तीन महिलाएं—एलिनोर ओस्ट्रॉम (2009), एस्थर डफ्लो (2019) और क्लाउडिया गोल्डिन (2023)।
शुद्ध नोबेल समर्थक कहते हैं कि यह तकनीकी रूप से नोबेल नहीं, लेकिन इसे हमेशा 10 दिसंबर को नोबेल की मृत्यु वर्षगांठ पर अन्य पुरस्कारों के साथ दिया जाता है। पुरस्कार का दायरा समय के साथ विस्तृत हुआ—प्रारंभिक रूप से मात्रात्मक मॉडलिंग से, अब व्यवहारिक अर्थशास्त्र, विकास और जलवायु एकीकरण तक। उदाहरण के तौर पर, 2018 में विलियम नॉर्डहॉस और पॉल रोमर को जलवायु और नवाचार एकीकरण के लिए मिला।
पिछले वर्ष (2024) यह दारोन एसेमोग्लू, साइमन जॉनसन और जेम्स ए. रॉबिनसन को गया, जिन्होंने संस्थाओं के गठन और समृद्धि पर अध्ययन किया, दिखाया कि खुली समाज समृद्ध होते हैं।
2025 के अन्य नोबेल पुरस्कारों का संक्षिप्त अवलोकन
नोबेल सप्ताह के दौरान अन्य पुरस्कार घोषित हो चुके हैं। चिकित्सा में भ्रूणकुल ब्रुंकॉ, राम्सडेल और सकागुची को प्रतिरक्षा प्रणाली के नियंत्रण के लिए। भौतिकी में क्लार्क, डेवोरेट और मार्टिनिस को क्वांटम यांत्रिकी के गुणों के लिए। रसायन विज्ञान में अणु संश्लेषण पर कार्य के लिए। साहित्य में हंगरी के लास्ज़लो क्रास्नाहोर्काई को “आपदा के आतंक” का सामना करने वाले कार्यों के लिए। शांति में डोनाल्ड ट्रंप और वेनेजुएला की मारिया कोरिना माचाडो को लोकतंत्र प्रोत्साहन के लिए।
ये पुरस्कार सामूहिक रूप से वैज्ञानिक और सामाजिक प्रगति को रेखांकित करते हैं। मोक्यर, एगियन और हॉविट का कार्य विशेष रूप से प्रासंगिक है, क्योंकि वैश्विक अर्थव्यवस्था एआई, हरित प्रौद्योगिकी और व्यापार चुनौतियों से जूझ रही है। उनका शोध नीति-निर्माताओं को मार्गदर्शन देता है कि नवाचार को कैसे संरक्षित रखा जाए, ताकि विकास सतत रहे।
सीएनएन और रॉयटर्स से जानकारी एकत्र की गई है।
