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महिला विश्व कपः पाकिस्तान पर एक और जीत की तलाश में भारत

महिला विश्व कप का यह मुकाबला भावनाओं की ऊंचाई पर होगा, जहां क्रिकेट की सूक्ष्म रणनीतियां पीछे रह सकती हैं। भारत, जो इस टूर्नामेंट में स्पष्ट प्रबल दावेदार के रूप में उभरा है, का सामना पाकिस्तान से होगा, जो अपनी टीम में संतुलन स्थापित करने और लय हासिल करने के लिए संघर्ष कर रही है। दोनों परम पड़ोसी देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे भू-राजनीतिक तनाव इस मैच को और भी तीखा बना देते हैं, जहां मैदान पर खेलते हुए भी सीमापार की राजनीति का साया नजर आता है। आईसीसी महिला विश्व कप 2025 का यह छठा मैच 5 अक्टूबर को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेला जाना है, और दोनों टीमों के प्रशंसकों की निगाहें न सिर्फ स्कोरकार्ड पर, बल्कि टीमों के बीच संभावित इशारों पर भी टिकी हैं।

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पुरुषों के एशिया कप 2025 के तीन लगातार रविवारों के बाद, अब महिलाओं की बारी है केंद्रमंच पर आने की, लेकिन ऐतिहासिक आंकड़े बताते हैं कि परिणाम में ज्यादा रहस्य नहीं बाकी है। आईसीसी के आधिकारिक रिकॉर्ड और ईएसपीएनक्रिकइंफो के आंकड़ों के अनुसार, महिलाओं के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत और पाकिस्तान कुल 27 से अधिक बार आमने-सामने आ चुके हैं, जिसमें सभी प्रारूपों (टेस्ट, ओडीआई और टी20आई) को मिलाकर भारत का दबदबा साफ दिखता है—कुल 24 जीतें भारत की, जबकि पाकिस्तान को केवल 3 सफलताएं मिली हैं, और वे भी केवल टी20 क्रिकेट में। विशेष रूप से वनडे फॉर्मेट में भारत का रिकॉर्ड अजेय है: 11 मैचों में 11 जीतें, बिना किसी अपवाद के। इनमें से चार विश्व कप मुकाबले भी शामिल हैं, जहां भारत ने हमेशा कम से कम 80 रनों या 5 विकेटों से जीत दर्ज की है। उदाहरण के लिए, 2022 विश्व कप में भारत ने 244/7 का स्कोर खड़ा किया था, जिसमें स्मृति मंधाना और पूजा वास्त्रकर की अर्धशतकों ने अहम भूमिका निभाई, जबकि पाकिस्तान 137 पर सिमट गई। यह वर्चस्व न सिर्फ बल्लेबाजी और गेंदबाजी में भारत की श्रेष्ठता को दर्शाता है, बल्कि मानसिक दबाव झेलने की क्षमता को भी।

दोनों टीमों ने विश्व कप अभियान की शुरुआत विपरीत अंदाज में की है, जो उनके वर्तमान फॉर्म की कहानी बयां करती है। भारत ने अपने उद्घाटन मैच में श्रीलंका को 59 रनों से हराकर मजबूत शुरुआत की। स्मृति मंधाना की विस्फोटक पारी और हरमनप्रीत कौर की कप्तानी ने टीम को 250 से अधिक का चुनौतीपूर्ण स्कोर दिलाया, जबकि गेंदबाजों—खासकर स्नेह राणा, दीप्ति शर्मा और श्री चरणी की स्पिन तिकड़ी—ने श्रीलंकी बल्लेबाजों को धूल चटा दी। हाल के पांच वनडे मैचों में भारत को तीन जीतें मिली हैं, दो हारें हुई हैं, लेकिन उनकी गेंदबाजी इकाई ने 15 विकेट झटके हैं, जो उनकी ताकत को रेखांकित करता है। वहीं, पाकिस्तान का सफर निराशाजनक रहा—बांग्लादेश के खिलाफ सात विकेट से हार। तेज गेंदबाजों और स्पिनरों दोनों के सामने उनकी बल्लेबाजी लाइनअप बुरी तरह लड़खड़ा गई, जहां मध्यक्रम पूरी तरह ढह गया। पाकिस्तान की कप्तान फातिमा साना ने बाद में स्वीकार किया कि टीम को अपनी बल्लेबाजी में स्थिरता लाने की जरूरत है, क्योंकि पिछले कुछ मैचों में वे औसत से नीचे प्रदर्शन कर रही हैं। ईएसपीएनक्रिकइंफो के विश्लेषण से पता चलता है कि पाकिस्तान की असंगति इस टूर्नामेंट में उनकी सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है, खासकर जब वे भारत जैसी मजबूत टीम का सामना कर रही हैं।

वर्तमान में, सभी टीमों ने एक-एक मैच खेल लिया है, और भारत अंक तालिका में चौथे स्थान पर काबिज है। नीली जर्सी धारण करने वाली भारतीय महिलाएं नेट रन रेट को मजबूत करने का सुनहरा अवसर तलाशेंगी, जो लीग चरण के अंतिम पड़ाव पर अहम साबित होता है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली यह टीम पूरे आत्मविश्वास से उतरेगी। उद्घाटन मैच में 124 रन पर 6 विकेट खोने के बावजूद लोअर मिडल ऑर्डर—जैसे रेणुका सिंह और पूजा वास्त्रकर—ने शानदार पुनरागमन किया और 47 ओवरों में 250 से ऊपर का टोटल खड़ा किया। यह प्रदर्शन टीम की गहराई और लचीलापन दिखाता है, जैसा कि बीबीसी स्पोर्ट्स और हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्टों में वर्णित है। हरमनप्रीत की आक्रामक बल्लेबाजी और स्नेह राणा की विकेट लेने की क्षमता (पिछले त्रिकोणीय सीरीज में 15 विकेट) भारत को मजबूत बनाती है।

भारत की उप-कप्तान स्मृति मंधाना ने प्री-मैच इंटरव्यू में कहा कि भारत-पाकिस्तान मुकाबलों का माहौल हमेशा बेहद तीव्र होता है—स्टेडियम दर्शकों से खचाऊभर होता है, सुबह से ही प्रशंसक जीत की प्रार्थना करते नजर आते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह दबाव खिलाड़ियों का सर्वोच्च स्तर सामने लाता है, और पूरी टीम ऐसे रोमांचक वातावरण का आनंद लेती है। आईसीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध उनके बयान से साफ है कि मंधाना जैसे अनुभवी खिलाड़ी तनाव को अपना सहयोगी बनाते हैं, खासकर जब शीर्ष क्रम—जैसे जेमिमाह रॉड्रिग्स और हरमनप्रीत—की भूमिका निर्णायक होती है।

बारिश का खतरा

शनिवार को सह-मेजबान श्रीलंका और मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के बीच कोलंबो में एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी, क्योंकि लगातार बारिश ने पूरे मैच को रद्द कर दिया। यही आर प्रेमदासा स्टेडियम भारत-पाकिस्तान मुकाबले का आयोजन स्थल है। अगले 24 घंटों में और भारी बारिश की भविष्यवाणी है, जो इस हाई-प्रोफाइल क्लैश को प्रभावित कर सकती है। एक्क्यूवेदर और अन्य मौसम सेवाओं के अनुसार, 5 अक्टूबर को कोलंबो में 100% वर्षा की संभावना है, हालांकि सुबह का मौसम शुष्क रहा। तापमान 25-30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा, लेकिन दोपहर 1 से 6 बजे के बीच 20% से अधिक वर्षा का जोखिम है, जब मैच की शुरुआत (स्थानीय समयानुसार दोपहर 3 बजे) होनी है। नमी का स्तर 70% तक पहुंच सकता है, जिससे ओवरों में कटौती या डकवर्थ-लुईस-सtern नियम लागू होने की स्थिति बन सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्ण रद्दीकरण की बजाय ओवर कम हो सकते हैं, और टॉस जीतने वाली टीम दूसरी पारी चुन सकती है ताकि लक्ष्य का फायदा मिले। दक्षिण एशिया में मानसून का प्रभाव अभी भी बरकरार है, जो पूरे टूर्नामेंट के शेड्यूल को बाधित कर रहा है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

क्रिकेट के मैदान से परे, इस मुकाबले में अतिरिक्त तनाव की परतें जुड़ी हुई हैं। 2022 विश्व कप के दौरान भारतीय खिलाड़ी पाकिस्तानी कप्तान बिस्माह मारूफ की छह माह की बेटी के साथ हल्के-फुल्के पल बिताते दिखे थे, जहां दोनों टीमों के सदस्य बच्ची के साथ खेलते-कूदते नजर आए—यह एक दुर्लभ क्षण था जो खेल से ऊपर उठकर मानवीय जुड़ाव दिखाता था। लेकिन अब परिदृश्य बिल्कुल उलट है। एशिया कप 2025 में पुरुष टीम की तरह ही, भारतीय महिला खिलाड़ी भी पाकिस्तानी समकक्षों से हैंडशेक से परहेज करेंगी। टॉस के दौरान ही यह संकेत मिलेगा, जब हरमनप्रीत और फातिमा साना मैदान पर आएंगी। इंडियन एक्सप्रेस और हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्टों के मुताबिक, यह फैसला दोनों देशों के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव को प्रतिबिंबित करता है, जहां क्रिकेट भी कूटनीति का शिकार हो रहा है। पुरुष एशिया कप में देखी गई आक्रामकता अब महिला मुकाबले में भी छिपी हुई है।

पाकिस्तान की कप्तान फातिमा साना ने एक हालिया साक्षात्कार में याद किया कि 2022 विश्व कप के भारत-पाकिस्तान मैच के बाद पूरी भारतीय टीम उनसे मिलने पहुंची थी। उन्होंने कहा कि जश्न मनाने और बातचीत करने का वह अंदाज बेहद खास था, उसी पल उन्हें एहसास हुआ कि दोनों टीमों के बीच एक मजबूत रिश्ता है। हालांकि, क्रिकट्रैकर और अन्य स्रोतों की कवरेज से स्पष्ट है कि वर्तमान परिस्थितियां इस मित्रता को चुनौती दे रही हैं। फिर भी, फातिमा ने जोर दिया कि खिलाड़ी मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे, भले ही ऑफ-फील्ड तनाव बरकरार रहे। यह मुकाबला न सिर्फ क्रिकेटिक सफलता का, बल्कि खेल की भावना को बचाने का भी प्रतीक बनेगा।

जानकारी द इकोनॉमिक टाइम्स और न्यूज पॉइंट्स से एकत्र की गई है।