स्वास्थ्य

50 रुपये से कम में 10 हाई-प्रोटीन भारतीय ब्रेकफास्ट आइडियाज

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं, खासकर तब जब बजट कम हो। बहुत से लोगों को लगता है कि ताकतवर खाना खाने के लिए जेब में बहुत पैसे होने चाहिए, लेकिन यह सिर्फ एक भ्रम है।

हमारे देश की पारंपरिक रसोई में ऐसी कई चीजें मौजूद हैं जो न केवल सस्ती हैं बल्कि शरीर को भरपूर पोषण भी देती हैं। सुबह का पहला भोजन अगर सही हो, तो पूरा दिन स्फूर्ति और ताजगी से भरा रहता है। यदि आप भी अपने बढ़ते वजन या सुस्ती से परेशान हैं, तो आपको अपने सुबह के खाने में बदलाव करने की जरूरत है। यहाँ हम कुछ ऐसे बेहतरीन विकल्पों की चर्चा करेंगे जो आपकी जेब पर बोझ नहीं डालेंगे।

प्रोटीन वाला नाश्ता क्यों है जरूरी?

शरीर के लिए प्रोटीन उतना ही जरूरी है जितना किसी इमारत के लिए ईंटें। यह हमारी मांसपेशियों की मरम्मत करने और उन्हें मजबूत बनाने में मदद करता है। जब हम सुबह के समय ऐसा भोजन करते हैं जिसमें इसकी मात्रा अधिक हो, तो हमारा पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस करता है। इससे हम बाहर का तला-भुना या जंक फूड खाने से बच जाते हैं। इसके अलावा, यह रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित रखने में भी सहायक होता है, जिससे मधुमेह जैसी समस्याओं का खतरा कम हो जाता है। यदि आप नियमित रूप से व्यायाम करते हैं, तो यह आपके रिकवरी समय को कम करने में भी मदद करता है। इसलिए, एक संतुलित और किफ़ायती सुबह का भोजन चुनना आपकी समग्र भलाई के लिए एक निवेश की तरह है।

1. मूँग दाल का चिल्ला

मूँग दाल भारतीय घरों में सबसे आम दालों में से एक है और इसे पचाना बहुत आसान होता है। इसका चिल्ला न केवल स्वादिष्ट होता है बल्कि यह प्रोटीन का एक उत्कृष्ट स्रोत भी है। इसे बनाने के लिए आपको बस दाल को भिगोकर पीसना होता है और उसमें बारीक कटी सब्जियाँ मिलानी होती हैं। यदि आप इसमें थोड़ा सा घर का बना पनीर भर दें, तो यह और भी अधिक पौष्टिक हो जाता है। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिन्हें ग्लूटेन से एलर्जी है या जो शाकाहारी हैं। लोहे के तवे पर थोड़े से तेल या घी के साथ इसे सुनहरा होने तक पकाएं। यह नाश्ता बच्चों और बड़ों दोनों को समान रूप से पसंद आता है।

मुख्य लाभ विवरण
पाचन शक्ति यह पेट के लिए बहुत हल्का और सुपाच्य होता है।
पौष्टिकता इसमें विटामिन और खनिज भरपूर मात्रा में होते हैं।
लागत दाल की मात्रा के हिसाब से यह बहुत ही सस्ता पड़ता है।

2. सत्तू का शरबत या पराठा

सत्तू को भारत का प्राकृतिक ऊर्जा पेय कहा जा सकता है। भुने हुए चनों से बना यह आटा उत्तर भारत में बेहद लोकप्रिय है और अब धीरे-धीरे पूरे देश में अपनी पहचान बना रहा है। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे बनाने में मेहनत बहुत कम लगती है। आप इसे ठंडे पानी, नमक और नींबू के साथ शरबत की तरह पी सकते हैं या फिर आटे में भरकर पराठा बना सकते हैं। यह न केवल शरीर को ठंडा रखता है बल्कि लंबे समय तक ऊर्जा भी प्रदान करता है। मजदूरों से लेकर एथलीट तक सभी इसकी ताकत पर भरोसा करते हैं। इसमें फाइबर की मात्रा भी अधिक होती है, जो कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाती है।

मुख्य लाभ विवरण
त्वरित ऊर्जा इसे पीने के तुरंत बाद शरीर में ताजगी महसूस होती है।
पेट की ठंडक गर्मियों के मौसम में यह शरीर के तापमान को संतुलित रखता है।
शुद्धता इसमें किसी भी तरह के मिलावटी तत्व नहीं होते।

3. काला चना चाट

काला चना आयरन और प्रोटीन का एक बेजोड़ संगम है। इसे रात भर भिगोकर और फिर उबालकर तैयार करना बहुत आसान है। इसमें प्याज, टमाटर, खीरा और हरी मिर्च डालकर एक चटपटी चाट बनाई जा सकती है। यह उन लोगों के लिए सबसे अच्छा है जो वजन कम करने की प्रक्रिया में हैं। चने चबाने से चेहरे की मांसपेशियों का भी व्यायाम होता है और यह आपको मानसिक रूप से भी सक्रिय रखता है। नींबू का रस मिलाने से इसमें मौजूद आयरन का अवशोषण शरीर में बेहतर तरीके से होता है। आप इसे अपने दफ्तर के डब्बे में भी आसानी से ले जा सकते हैं।

मुख्य लाभ विवरण
वजन नियंत्रण इसे खाने के बाद घंटों तक भूख महसूस नहीं होती।
रक्त स्वास्थ्य आयरन की प्रचुरता के कारण यह एनीमिया को रोकता है।
स्वादानुसार इसे तीखा या खट्टा अपनी पसंद के अनुसार बना सकते हैं।

4. बेसन का चिल्ला और दही

बेसन हर भारतीय रसोई की शान है और यह चने की दाल से बनता है, इसलिए इसमें प्रोटीन की कमी नहीं होती। बेसन के चिल्ले को ‘शाकाहारी आमलेट’ भी कहा जाता है क्योंकि इसका स्वाद और बनावट कुछ वैसी ही होती है। इसमें अजवाइन डालने से यह गैस की समस्या नहीं करता और दही के साथ खाने से प्रोबायोटिक्स भी मिल जाते हैं। यह नाश्ता बनाने में महज दस मिनट का समय लगता है। अगर आप इसमें शिमला मिर्च और गाजर कद्दूकस करके डालें, तो यह बच्चों के लिए एक संपूर्ण भोजन बन जाता है। बजट के मामले में यह सबसे किफायती विकल्पों में से एक है।

मुख्य लाभ विवरण
समय की बचत यह व्यस्त सुबह के लिए सबसे तेज बनने वाला नाश्ता है।
ग्लूटेन मुक्त जो लोग गेहूं नहीं खाना चाहते, उनके लिए यह उत्तम है।
पेट का स्वास्थ्य दही के साथ खाने से यह पाचन तंत्र को मजबूत करता है।

5. सोया भुर्जी

सोया भुर्जी

सोयाबीन को शाकाहारियों का मांस कहा जाता है क्योंकि इसमें मांस के बराबर या उससे भी अधिक प्रोटीन होता है। सोया चंक्स या दानों को उबालकर और फिर मैश करके प्याज-टमाटर के तड़के के साथ इसकी भुर्जी बनाई जाती है। यह स्वाद में बहुत ही लाजवाब होती है और इसे रोटी या पाव के साथ खाया जा सकता है। सोयाबीन में आइसोफ्लेवोन्स होते हैं जो दिल की सेहत के लिए अच्छे माने जाते हैं। चूंकि सोया चंक्स बहुत ही कम दाम में बाजार में उपलब्ध हैं, इसलिए यह बजट के अनुकूल है। बस ध्यान रहे कि सोयाबीन का सेवन संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए।

मुख्य लाभ विवरण
उच्चतम प्रोटीन शाकाहारी स्रोतों में सबसे अधिक प्रोटीन प्रदान करता है।
मांसपेशियों का विकास जिम जाने वाले युवाओं के लिए यह वरदान समान है।
विविधता इसे कई तरह के मसालों के साथ बनाया जा सकता है।

6. अंडा भुर्जी और चपाती

अंडा एक संपूर्ण आहार माना जाता है क्योंकि इसमें सभी नौ आवश्यक अमीनो एसिड होते हैं। दो अंडों की भुर्जी बनाना बहुत ही सस्ता पड़ता है और यह आपके प्रोटीन की दैनिक आवश्यकता का एक बड़ा हिस्सा पूरा कर देता है। इसमें सब्जियाँ मिलाकर इसकी मात्रा और गुणवत्ता दोनों बढ़ाई जा सकती हैं। इसे एक गेहूं की रोटी के साथ खाने से आपको जटिल कार्बोहाइड्रेट भी मिल जाते हैं, जो दिन भर ऊर्जा देते हैं। यह उन लोगों के लिए सबसे अच्छा विकल्प है जिनके पास सुबह खाना पकाने का समय कम होता है। अंडों को आप उबालकर भी खा सकते हैं, जिससे तेल का उपयोग और भी कम हो जाता है।

मुख्य लाभ विवरण
संपूर्ण आहार इसमें प्रोटीन के साथ विटामिन डी और बी12 भी होता है।
किफ़ायती प्रति अंडा लागत बहुत कम होने के कारण यह बजट में रहता है।
मस्तिष्क स्वास्थ्य अंडों में कोलीन होता है जो याददाश्त सुधारने में मदद करता है।

7. अंकुरित अनाज का सलाद

अंकुरित मूँग या चने को कच्चा खाना सबसे अधिक फायदेमंद होता है क्योंकि अंकुरण के बाद इनकी पौष्टिकता कई गुना बढ़ जाती है। इसमें जीवित एंजाइम होते हैं जो चयापचय को तेज करते हैं। इसे और अधिक स्वादिष्ट बनाने के लिए आप इसमें थोड़े से भुने हुए मूंगफली के दाने और अनार के दाने डाल सकते हैं। यह एक ऐसा नाश्ता है जिसमें पकाने की जरूरत नहीं पड़ती, बस आपको इसे एक-दो दिन पहले भिगोकर रखना होता है। यह फाइबर से भरपूर होता है, जिससे आपका पेट साफ रहता है और त्वचा पर भी निखार आता है। यह आपके इम्यून सिस्टम को भी मजबूत बनाने का काम करता है।

मुख्य लाभ विवरण
एंजाइम की शक्ति अंकुरित भोजन शरीर को अंदर से साफ करने में मदद करता है।
चमकती त्वचा विटामिन सी और ई की मौजूदगी त्वचा को स्वस्थ रखती है।
शून्य लागत घर पर दालों को अंकुरित करना बिल्कुल मुफ्त है।

8. दलिया खिचड़ी और मूंगफली

दलिया को अक्सर बीमारों का खाना समझा जाता है, लेकिन अगर इसे सही तरीके से बनाया जाए तो यह बेहद स्वादिष्ट हो सकता है। गेहूं के दलिए में मूंगफली के दाने और मटर डालकर आप इसे प्रोटीन से भरपूर बना सकते हैं। मूंगफली एक सस्ता नट्स है जो स्वस्थ वसा और प्रोटीन दोनों प्रदान करता है। दलिया धीरे-धीरे पचता है, जिससे आपको दोपहर के भोजन तक ऊर्जा मिलती रहती है। इसमें बहुत सारी मौसमी सब्जियाँ डालकर आप इसे एक रंगीन और पोषक भोजन बना सकते हैं। यह फाइबर का एक बहुत अच्छा स्रोत है जो कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक है।

मुख्य लाभ विवरण
टिकाऊ ऊर्जा यह शरीर को धीरे-धीरे ऊर्जा प्रदान करता है।
हृदय स्वास्थ्य फाइबर और स्वस्थ वसा दिल की धमनियों को साफ रखते हैं।
पेट भराव कम मात्रा में खाने पर भी पेट पूरी तरह भर जाता है।

9. रागी का चीला या डोसा

रागी एक ऐसा अनाज है जिसे सुपरफूड की श्रेणी में रखा जाता है। इसमें कैल्शियम की मात्रा दूध से भी अधिक होती है और यह प्रोटीन का भी एक अच्छा स्रोत है। रागी का आटा बाजार में बहुत सस्ते दाम पर मिल जाता है। इसके आटे का घोल बनाकर डोसा या चीला बनाना बहुत आसान है। यह मधुमेह के रोगियों के लिए रामबाण इलाज है क्योंकि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत कम होता है। यह हड्डियों को मजबूती देता है और शरीर में खून की कमी को पूरा करता है। रागी को अपनी डाइट में शामिल करना एक बहुत ही समझदारी भरा फैसला है।

मुख्य लाभ विवरण
हड्डियों की मजबूती कैल्शियम की प्रचुरता दांतों और हड्डियों के लिए अच्छी है।
मधुमेह नियंत्रण यह रक्त में शर्करा के स्तर को बढ़ने नहीं देता।
लंबे समय तक तृप्ति इसे खाने के बाद बार-बार खाने की इच्छा नहीं होती।

10. पीनट बटर और केला टोस्ट

अगर आप कुछ अलग और थोड़ा आधुनिक नाश्ता करना चाहते हैं, तो पीनट बटर एक शानदार चुनाव है। बाजार से खरीदने के बजाय आप घर पर ही मूंगफली को भूनकर और पीसकर शुद्ध पीनट बटर बना सकते हैं। दो स्लाइस गेहूं की ब्रेड पर इसे लगाएं और ऊपर से केले के टुकड़े रखें। मूंगफली से आपको प्रोटीन मिलता है और केले से पोटेशियम और ऊर्जा। यह नाश्ता बच्चों को बहुत पसंद आता है और इसे बनाने में सिर्फ दो मिनट लगते हैं। यह उन युवाओं के लिए आदर्श है जो सुबह जल्दी कॉलेज या काम पर निकलते हैं।

मुख्य लाभ विवरण
झटपट तैयारी बिना किसी चूल्हे के उपयोग के यह तुरंत तैयार हो जाता है।
मांसपेशियों की रिकवरी पोटेशियम मांसपेशियों की ऐंठन को कम करने में मदद करता है।
स्वाद और सेहत यह मीठा और नमकीन स्वादों का एक बेहतरीन मिश्रण है।

निष्कर्ष

अच्छी सेहत और मजबूत शरीर का रास्ता हमेशा महंगे जिम या विदेशी खानपान से होकर नहीं गुजरता। जैसा कि हमने देखा, हमारे पारंपरिक भारतीय भोजन में High-Protein Indian Breakfast के ऐसे कई विकल्प मौजूद हैं जो 50 रुपये से भी कम में तैयार हो जाते हैं। चाहे वह सत्तू हो, मूँग दाल हो या अंडे, ये सभी चीजें पोषण का खजाना हैं। जरूरत है तो बस थोड़े से नियोजन और जागरूकता की। यदि आप नियमित रूप से इनमें से किसी एक विकल्प को चुनते हैं, तो आप न केवल पैसे बचाएंगे बल्कि एक लंबी और स्वस्थ जिंदगी की नींव भी रखेंगे। याद रखिए, आपकी सुबह की शुरुआत ही आपके पूरे दिन का भविष्य तय करती है।