हालैंड दो पेनल्टी से चूक गए, फिर भी नॉर्वे की जीत में हैट्रिक है
ओस्लो, नॉर्वे — मैनचेस्टर सिटी के फॉरवर्ड एर्लिंग हॉलांड ने शनिवार को नॉर्वे को विश्व कप क्वालिफायर में इज़राइल के खिलाफ 5-0 की शानदार जीत दिलाई। हालाँकि उन्होंने दो बार पेनल्टी मिस कीं, लेकिन उनकी हैट्रिक ने पूरे मैच में अपनी छाप छोड़ी और नॉर्वे को विश्व कप 2026 की दौड़ में एक बड़ा कदम आगे बढ़ाया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और प्रदर्शन के बीच मैच
मुकाबले से पहले, ओस्लो में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी क्योंकि प्रोर-पैलेस्टाइन प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। यहां सैंकड़ों लोग एकत्रित हुए और “फ्री पालेस्तीन” जैसे नारे लगाए। स्टेडियम के आसपास पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित किया। इज़राइल के कुछ समर्थक भी स्टेडियम के विशिष्ट क्षेत्रों में अपने झंडे दिखाते नजर आए। सुरक्षा कारणों से करीब 3,000 सीटें खाली रखी गईं, खासकर इज़राइली दर्शकों के आस-पास।
पेनल्टी के बावजूद हॉलांड की चमक
मैच की शुरुआत में ही हॉलांड को पेनल्टी का मौका मिला। पहली बार उन्होंने जो शॉट मारा, उसे इज़राइली गोलकीपर डैनियल पेरेट्ज़ ने बायें नीचे से रोका। हालांकि, रिफरी ने पेनल्टी रीटेक का आदेश दिया क्योंकि गोलकीपर ने अपनी लाइन पहले छोड़ दी थी। दूसरी पेनल्टी में हॉलांड ने दाहिने कोने में शॉट मारा, लेकिन पेरेट्ज़ का जल्द अनुमान सही साबित हुआ और उन्होंने उस प्रयास को भी रोका। हॉलांड की यह दो बार की असफल पेनल्टी सबको हैरान कर गई, लेकिन उन्होंने जल्द ही खुद को संभाला।
प्रारेम्भिक गोल और नॉर्वे की बढ़त
18वें मिनट में नॉर्वे को उम्मीद से पहले बढ़त मिली, जब इज़राइल के खिलाड़ी अनन खलाईली का अपना ही गोल हो गया। इसके बाद, 27वें मिनट में हॉलांड ने एलेक्जेंडर सॉरलॉथ की पासिंग सहायता से शानदार गोल करके अपनी टीम को मजबूत किया। इसके तुरंत बाद, नॉर्वे ने तीसरा गोल भी कर दिया जब इज़राइल के डिफेंडर इदान नचमियास का एक बड़ा ब्लंडर हुआ और गेंद अपने ही गेट में चली गई।
हॉलांड का हैट्रिक और रिकॉर्डों की झड़ी
दूसरे हाफ में, 63वें मिनट में हॉलांड ने एक ताकतवर हेडर से अपना दूसरा गोल किया, जो उनके करियर के छठे हैट्रिक का हिस्सा था। इसके बाद 72वें मिनट में उन्होंने एक और बकायदा हेडर गोल दागकर अपनी हैट्रिक पूरी की। इस मैच के बाद हॉलांड ने नॉर्वे के लिए कुल 51 अंतरराष्ट्रीय गोल पूरे किए, जो उन्होंने मात्र 46 मैचों में पूरे किए हैं।
यह उपलब्धि उन्हें यूरोपियन क्वालिफिकेशन में सबसे तेज़ 50 गोल पहुँचाने वाले खिलाड़ी के रूप में स्थापित करती है। अन्य महान खिलाड़ियों से तुलना करें तो इंग्लैंड के हैरी केन को 50 गोल तक पहुंचने में 71 मैच लगे, ब्राज़ील के नेमार को 74, फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे को 90, लियोनेल मेसी को 107 और क्रिस्टियानो रोनाल्डो को 114 मैचों की आवश्यकता पड़ी।
नॉर्वे की विश्व कप की बड़ी उम्मीदें
इस जीत के साथ नॉर्वे ने ग्रुप I में छः मैचों में छः जीत दर्ज कर अपने प्रदर्शन को पूरी तरह परफेक्ट बना लिया है। वे 18 अंकों के साथ ग्रुप की टॉप टीम हैं, और इटली से नौ प्वाइंट्स आगे हैं। निकट भविष्य में उन्हें एस्टोनिया के खिलाफ और बाद में इटली के साथ महत्वपूर्ण मैच खेलने हैं। उनका लक्ष्य है 2026 के फीफा विश्व कप में पहली बार क्वालीफाई करना, जो संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में आयोजित होगा। नॉर्वे ने आखिरी बार 1998 में विश्व कप खेला था, इसलिए यह टीम और उसके प्रशंसकों के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि होगी।
मैच के माहौल और दर्शकों की उपस्थिति
इस मुकाबले में लगभग 22,000 से 23,000 दर्शक मौजूद थे। स्टेडियम का कैपेसिटी कुछ हद तक सुरक्षा कारणों से कम कर दिया गया था। मैच के दौरान दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, परंतु नॉर्वे ने पूरी ताकत से खेलते हुए प्रभावशाली जीत अपने नाम की। प्रशंसकों ने मैच के बाद नॉर्वे की टीम का जोरदार स्वागत किया और इस जीत से टिमटिमाती उम्मीदें जगाईं।
यह मैच न केवल एर्लिंग हॉलांड के लिए बल्कि नॉर्वे फुटबॉल के इतिहास के लिए भी यादगार साबित हुआ। हॉलांड की पारखी फिनिशिंग, रिकॉर्ड तोड़ गोल और टीम की बेहतरीन रणनीति ने इसे खास बनाया। उनके प्रदर्शन ने दर्शाया कि वे विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े स्ट्राइकरों में से एक हैं, जो न केवल क्लब स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चमक रहे हैं। नॉर्वे अब विश्व कप की मुख्य प्रतियोगिता में जगह बनाने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
ईएसपीएन इंडिया और एनडीटीवी स्पोर्ट्स से जानकारी एकत्र की गई है।
