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टिकटॉक स्टार ऑरेलियन फोंटेनॉय ने 12 मिनट में साइकिल पर सवार होकर एफिल टॉवर पर चढ़कर विश्व रिकॉर्ड तोड़ा

फ्रेंच साइकिलिस्ट और टिकटॉक सेंसेशन ऑरेलियन फोंटेनॉय ने पेरिस के प्रतिष्ठित एफिल टावर की दूसरी मंजिल तक ऑल-टेरेन बाइक पर चढ़कर एक अनोखा वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया है। इस चुनौती को और भी असाधारण बनाता है वह सख्त नियम कि पूरे चढ़ाई के दौरान उनके पैर जमीन को छू ही नहीं सकते थे, जिससे बैलेंस बनाए रखना बेहद मुश्किल हो गया। 35 वर्षीय फोंटेनॉय ने 2 अक्टूबर 2025 को यह कारनामा किया, और एफिल टावर के ऑपरेटर सोसाइटी डी’एक्सप्लॉइटेशन डे ला टूर एफिल ने अगले ही दिन 3 अक्टूबर को इसकी आधिकारिक पुष्टि की। यह उपलब्धि न केवल उनकी शारीरिक क्षमता की गवाही देती है, बल्कि एडवेंचर स्पोर्ट्स को सोशल मीडिया के जरिए दुनिया भर में लोकप्रिय बनाने का एक शानदार उदाहरण भी है।

सीएनएन स्पोर्ट की रिपोर्ट के अनुसार, फोंटेनॉय ने टावर के कुल 686 सीढ़ियों को महज 12 मिनट और 30 सेकंड में पार किया, जो दूसरी मंजिल तक ले जाती हैं। यह समय 2002 में उनके हमवतन ह्यूग रिचर्ड द्वारा स्थापित पिछले रिकॉर्ड से लगभग सात मिनट कम है, जो 19 मिनट 4 सेकंड का था। एफिल टावर, जो 1889 में बनाया गया था, दुनिया का सबसे प्रसिद्ध लैंडमार्क है और हर साल लाखों पर्यटकों को आकर्षित करता है, लेकिन इस तरह की चढ़ाई दुर्लभ ही होती है। फोंटेनॉय की यह जीत बाइक ट्रायल्स स्पोर्ट को नई ऊंचाइयों पर ले गई है, जहां एथलीट्स असंभव लगने वाले स्थान पर बाइक संभालते हैं।

चुनौती की कठिनाई: बिना पैडलिंग के जंपिंग तकनीक

एफिल टावर की सीढ़ियां संकरी, खड़ी और असमान हैं, जो सामान्य साइकिलिंग से कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण बनाती हैं। फोंटेनॉय ने एक रिजिड ऑल-टेरेन बाइक का इस्तेमाल किया, जिसमें कोई सस्पेंशन नहीं था, और ब्रेक्स को लॉक कर रखा था ताकि बाइक नीचे न सरक सके। उन्होंने सीएनएन को बताया, “इस चैलेंज के लिए मैंने ब्रेक को रिलीज किया और टायर को कंप्रेस करना पड़ा, क्योंकि बाइक में कोई सस्पेंशन नहीं है। इसलिए ब्रेक पंप करके लगातार जंप, जंप, जंप करते रहना पड़ता है!” वास्तव में, पैडलिंग संभव नहीं थी, इसलिए उन्होंने कंधों, बछड़ों और बाजुओं की ताकत से बाइक को सीढ़ी-दर-सीढ़ी ऊपर उठाया। यह तकनीक न केवल शारीरिक थकान बढ़ाती है, बल्कि मानसिक एकाग्रता की भी मांग करती है, क्योंकि एक छोटी सी चूक पूरे प्रयास को बर्बाद कर सकती थी।

दूसरी मंजिल तक पहुंचना सबसे कठिन हिस्सा था, जहां सीढ़ियां और भी तीखी हो जाती हैं। फोंटेनॉय ने कहा कि यह चढ़ाई कंधों और पैरों पर भारी बोझ डालती है, लेकिन उनकी ट्रेनिंग ने उन्हें सहनशक्ति प्रदान की। रॉयटर्स की रिपोर्ट से पता चलता है कि यह रिकॉर्ड गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स जैसी संस्थाओं द्वारा मान्यता प्राप्त हो सकता है, क्योंकि यह स्पोर्ट्स में दुर्लभ 23 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ने वाला है। इस तरह की चढ़ाई बाइक ट्रायल्स के मूल सिद्धांत को दर्शाती है, जहां एथलीट्स बाधाओं को पार करने के लिए रचनात्मक तरीके अपनाते हैं।

तैयारी का लंबा सफर: महीनों की ट्रेनिंग और सालों की प्लानिंग

फोंटेनॉय ने इस रिकॉर्ड के लिए महीनों की कड़ी तैयारी की, जिसमें जिम सेशंस, जंप रोप (स्किपिंग) और हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग शामिल थी। इन व्यायामों ने उनकी टांगों, कोर मसल्स और ऊपरी शरीर को मजबूत बनाया, जो सीढ़ियों पर बाइक को नियंत्रित रखने के लिए जरूरी था। स्किपिंग ने उनकी हृदय स्वास्थ्य और फुर्ती बढ़ाई, जबकि जिम वर्कआउट्स ने पूरे 12 मिनट तक 100% एफर्ट बनाए रखने की क्षमता दी। लेकिन यह प्रयास सालों पुराना था; फोंटेनॉय ने इसे “द क्लाइंब” नामक अपनी पहल के तहत शुरू किया था।

उन्होंने बताया, “यह चैलेंज मैंने तीन-चार साल पहले प्लान किया था। 2021 में मैंने पेरिस की ट्रिनिटी टावर (140 मीटर ऊंची) को बाइक से चढ़ा था, और उसके बाद एफिल टावर का इरादा था।” लेकिन कई बाधाओं ने देरी की: कोविड-19 महामारी ने 2020-2021 में आयोजन रोका, फिर 2024 के पेरिस ओलंपिक गेम्स के दौरान टावर पर सुरक्षा प्रतिबंध लगे, और उसके बाद मेंटेनेंस वर्क तथा पेंटिंग ने सब कुछ और टाल दिया। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, ओलंपिक के लिए टावर को विशेष रूप से सजाया गया था, जिससे सीढ़ियों तक पहुंच मुश्किल हो गई। फिर भी, फोंटेनॉय ने हार नहीं मानी और 2025 में टालिन (एस्टोनिया) की टीवी टावर को चढ़कर अपनी फॉर्म साबित की। यह दृढ़ता उनकी सफलता का मुख्य कारण बनी।

फिनिश लाइन: थकान के बीच छिपी खुशी और दबाव

जब फोंटेनॉय आखिरकार दूसरी मंजिल के प्लेटफॉर्म पर पहुंचे, तो वे पूरी तरह शारीरिक और मानसिक रूप से थक चुके थे। उन्होंने कहा, “पहुंचते ही मैं पूरी तरह बर्बाद हो गया था, क्योंकि यह 12 मिनट का सफर था लेकिन हर सेकंड 100% एफर्ट के साथ।” बावजूद इसके, अंदर से वे बेहद खुश थे, हालांकि बाहर से कोई भाव न दिखा। फोंटेनॉय ने स्वीकार किया कि थोड़ा स्ट्रेस था, क्योंकि यह एक ही मौका था—स्पॉन्सर्स, दोस्तों और फैन्स की उम्मीदें पूरी करनी थीं। “हमारे पास सिर्फ एक शॉट था। 2002 का रिकॉर्ड 20 साल टिका क्योंकि आयोजन इतना जटिल था। मैं इसे गंवाना नहीं चाहता था,” उन्होंने कहा।

यह भावना उन एथलीट्स की तरह है जो बड़े लक्ष्यों के लिए लंबा इंतजार करते हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में वीडियो का जिक्र है, जो दिखाता है कि कैसे फोंटेनॉय ने आखिरी सीढ़ियों पर भी बैलेंस बनाए रखा। यह रिकॉर्ड न केवल व्यक्तिगत जीत है, बल्कि युवा साइकिलिस्ट्स के लिए प्रेरणा स्रोत भी, जो दिखाता है कि लगन से असंभव को संभव बनाया जा सकता है।

फोंटेनॉय का सफर: कॉम्पिटिटिव रेसिंग से सोशल मीडिया स्टार तक

ऑरेलियन फोंटेनॉय का करियर माउंटेन बाइकिंग से शुरू हुआ, जहां वे बाइक ट्रायल्स में तीन बार वाइस वर्ल्ड चैंपियन रह चुके हैं। पांच साल पहले, 2020 में, उन्होंने कॉम्पिटिटिव रेसिंग से संन्यास ले लिया, क्योंकि वे नए चैलेंजेस तलाशना चाहते थे। अब वे ऐसे ही रोमांचक वर्ल्ड रिकॉर्ड अटेम्प्ट्स से खुद को परखते हैं और बाइकिंग स्पोर्ट को बढ़ावा देते हैं। कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में कूदकर उन्होंने टिकटॉक और यूट्यूब पर एक मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स जमा लिए हैं, जबकि इंस्टाग्राम पर उनके 3.66 लाख फॉलोअर्स हैं। वे नियमित रूप से बाइकिंग चैलेंजेस, ट्यूटोरियल्स और फन वीडियोज शेयर करते हैं, जो लाखों व्यूज पाते हैं।

फोंटेनॉय ने कहा, “निच स्पोर्ट्स जैसे बाइक ट्रायल्स में सिर्फ कॉम्पिटिशन से जीविका चलाना मुश्किल है। इसलिए स्पॉन्सर्स आकर्षित करने के लिए क्रेजी चीजें करनी पड़ती हैं।” उनका आइडिया था कि ज्यादा कंटेंट बनाकर बड़े दर्शकों तक पहुंचें और स्पोर्ट को दिखाएं। “यह प्रोजेक्ट था कि चैलेंज और सोशल मीडिया को मिलाएं—कुछ ऐसा करें जो स्पोर्ट में पहले न हुआ हो,” उन्होंने बताया। उनके वीडियोज एजुकेशनल और एंटरटेनिंग हैं, जो बाइक ट्रायल्स को एक्सेसिबल बनाते हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट से पता चलता है कि फोंटेनॉय फ्रांस के आर्टुबी ब्रिज से बंजी जंपिंग जैसे अन्य स्टंट्स भी कर चुके हैं।

भविष्य की योजनाएं: बुरज खलीफा तक का सफर

फोंटेनॉय की महत्वाकांक्षाएं यहीं समाप्त नहीं होतीं। वे अब दुनिया की सबसे ऊंची इमारतों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने सीएनएन को खुलासा किया, “मेरा प्लान दुनिया की सबसे ऊंची टावरों को बाइक से चढ़ना है। अंतिम लक्ष्य दुबई का बुरज खलीफा होगा, जो 828 मीटर ऊंचा है।” यह टावर 2008 से दुनिया की सबसे ऊंची इमारत है, और इसकी चढ़ाई एफिल टावर से कहीं ज्यादा जटिल होगी। फोंटेनॉय अन्य टावरों के अधिकारियों से संपर्क में हैं, और उनकी “द क्लाइंब” सीरीज को ग्लोबल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

पिछले अटेम्प्ट्स जैसे ट्रिनिटी टावर (2021 में 33 मंजिलें, 140 मीटर) और टालिन टीवी टावर (2025) ने उन्हें अनुभव दिया है। न्यूज18 की रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे स्टंट्स से स्पोर्ट्स को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिलती है। फोंटेनॉय की यह यात्रा दिखाती है कि जुनून, प्लानिंग और इनोवेशन से स्पोर्ट्स की सीमाएं तोड़ी जा सकती हैं। यह रिकॉर्ड न केवल फोंटेनॉय की मेहनत का प्रमाण है, बल्कि वैश्विक स्तर पर एडवेंचर को प्रोत्साहित करने वाला एक मील का पत्थर भी।

यह जानकारी सीएनएन और हिंदुस्तान टाइम्स से एकत्र की गई थी