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अपने पीपीएफ खाते को डाकघर से बैंक में कैसे स्थानांतरित करें?

हम में से बहुत से लोगों ने सालों पहले अपनी बचत शुरू करते समय अपने नजदीकी डाकघर में सार्वजनिक भविष्य निधि यानी पीपीएफ खाता खुलवाया था। उस समय यह सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प लगता था और सच कहूं तो आज भी यह एक बेहतरीन निवेश है। लेकिन समय के साथ हमारी जरूरतें और काम करने के तरीके बदल गए हैं। आज के इस डिजिटल युग में जहां हम अपनी उंगलियों से पूरी दुनिया का काम निपटा रहे हैं, अपनी पासबुक अपडेट कराने या पैसे जमा करने के लिए लंबी लाइनों में खड़ा होना काफी थका देने वाला लगता है।

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मुझे यकीन है कि आपने भी कई बार सोचा होगा कि काश आपका यह निवेश खाता भी आपके साधारण बचत खाते की तरह आपके मोबाइल फोन में आ जाए। अच्छी खबर यह है कि आप ऐसा बिल्कुल कर सकते हैं। आप बहुत ही आसानी से अपना खाता अपने मनपसंद बैंक में ले जा सकते हैं। यह कोई ऐसा काम नहीं है जिसके लिए आपको बहुत ज्यादा परेशान होना पड़े या किसी एजेंट की मदद लेनी पड़े। एक बार जब आप इस प्रक्रिया को पूरा कर लेते हैं तो आप घर बैठे अपना जमा पैसा चेक कर सकते हैं और आपको बार-बार डाकघर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। मैं आपको इस लेख में पूरी बारीकी से बताऊंगा कि आप बिना किसी सिरदर्द के अपना खाता कैसे स्थानांतरित कर सकते हैं।

आपको अपना पीपीएफ खाता बैंक में क्यों ले जाना चाहिए?

शायद आपके दिमाग में यह सवाल आ रहा हो कि जब डाकघर में सब कुछ ठीक ही चल रहा है तो खामख्वाह इसे दूसरी जगह ले जाने के झंझट में क्यों पड़ना चाहिए। सच कहूं तो इसका सीधा सा जवाब है आपकी अपनी सहूलियत और समय की बचत। जब आपका खाता किसी आधुनिक बैंक में आ जाता है तो आपकी वित्तीय जिंदगी काफी आसान हो जाती है। सबसे बड़ा फायदा तो यह है कि आपको बेहतरीन ऑनलाइन सुविधाएं मिल जाती हैं जिनका इस्तेमाल आप रात के बारह बजे भी कर सकते हैं। ज्यादातर बैंकों के मोबाइल एप्लिकेशन बहुत शानदार और इस्तेमाल करने में आसान होते हैं।

आप जब चाहें अपना बचा हुआ पैसा चेक कर सकते हैं और इंटरनेट के जरिए सीधे पैसे जमा कर सकते हैं। इसके अलावा आपके सारे खाते एक ही जगह आ जाते हैं जिससे आपका आर्थिक जीवन ज्यादा व्यवस्थित हो जाता है। अगर आपका वेतन खाता या बचत खाता उसी बैंक में है जहां आप अपना यह निवेश ले जा रहे हैं तो आप एक स्वचालित भुगतान प्रणाली तय कर सकते हैं। इससे हर महीने की एक तय तारीख को आपके बचत खाते से पैसा कटकर सीधे पीपीएफ में चला जाएगा और आपको याद रखने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। साथ ही बैंकों में ग्राहक सेवा थोड़ी ज्यादा तेज होती है और अगर आपको कभी ऋण लेना हो तो सारा काम ऑनलाइन ही निपट जाता है।

सुविधा का नाम डाकघर में स्थिति बैंक में स्थिति
ऑनलाइन पैसे जमा करना बहुत सीमित विकल्प मौजूद हैं मोबाइल एप्लिकेशन से बेहद आसान
खाते की जानकारी देखना पासबुक छपवाने के लिए जाना पड़ता है कभी भी ऑनलाइन देखा जा सकता है
स्वचालित भुगतान यह सुविधा आसानी से नहीं मिलती बहुत ही सरलता से तय किया जा सकता है
ग्राहक सहायता शाखा में जाकर ही बात करनी पड़ती है फोन और इंटरनेट के माध्यम से उपलब्ध

डाकघर से बैंक में पीपीएफ स्थानांतरण के लिए जरूरी दस्तावेज

अपना खाता स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले आपके पास कुछ जरूरी कागजात होने चाहिए ताकि आपको बीच में कोई परेशानी न हो। अगर आप घर से पूरी तैयारी करके निकलेंगे तो आपको खाली हाथ वापस नहीं लौटना पड़ेगा और आपका काम एक ही बार में हो जाएगा। सबसे पहले तो आपके पास आपकी असली पीपीएफ पासबुक होनी चाहिए क्योंकि यह सबसे अहम दस्तावेज है और इसी में आपके अब तक के सारे लेन-देन का हिसाब दर्ज होता है। इसके साथ ही आपको अपनी पहचान और पते का प्रमाण देना होगा जिसके लिए पैन कार्ड और आधार कार्ड सबसे सही और मान्य विकल्प रहते हैं।

आपको उस नई बैंक शाखा का पूरा नाम पता और आईएफएससी कोड भी एक साफ पर्ची पर लिखकर रख लेना चाहिए जहां आप अपना खाता ले जाना चाहते हैं। वहां आपको स्थानांतरण के लिए फॉर्म एसबी दस बी भरना होगा जो आपको वहीं मिल जाएगा। इसके अलावा आपको अपनी कुछ हालिया पासपोर्ट आकार की तस्वीरें भी साथ रखनी चाहिए क्योंकि नए बैंक में खाता चालू करते समय उनकी जरूरत पड़ेगी। अपने सभी पुराने दस्तावेजों की एक फोटोकॉपी जरूर करा लें ताकि भविष्य में अगर कोई परेशानी हो तो आपके पास सबूत के तौर पर कुछ कागजात मौजूद रहें।

दस्तावेज का नाम इसकी जरूरत क्यों पड़ती है?
असली पासबुक पुराने सभी लेन-देन और खाते की प्रामाणिकता साबित करने के लिए
आधार कार्ड की नकल पते के प्रमाण और आपकी सही पहचान सुनिश्चित करने के लिए
पैन कार्ड की नकल कर संबंधी जानकारी और वित्तीय सत्यापन पूरा करने के लिए
फॉर्म एसबी दस बी खाते को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के आधिकारिक आवेदन के लिए
शाखा का कोड ताकि डाकघर आपके कागजात बिल्कुल सही जगह पर भेज सके

डाकघर से बैंक में पीपीएफ स्थानांतरण करने की चरण-दर-चरण प्रक्रिया

डाकघर से बैंक में पीपीएफ स्थानांतरण करने की चरण-दर-चरण प्रक्रिया

अब आते हैं सबसे जरूरी हिस्से पर जो सुनने में थोड़ा लंबा लग सकता है लेकिन अगर आप इसे एक-एक करके समझेंगे तो कहीं कोई अड़चन नहीं आएगी। सबसे पहले आपको उस डाकघर शाखा में जाना होगा जहां आपका खाता फिलहाल खुला हुआ है। वहां के संबंधित अधिकारी से मिलें और उन्हें बताएं कि आप अपना खाता बैंक में ले जाना चाहते हैं। वो आपको स्थानांतरण आवेदन पत्र देंगे जिसमें आपको अपना नाम खाता संख्या और उस नई जगह की पूरी जानकारी सावधानी से भरनी होगी। आवेदन पत्र भरने के बाद उसे अपनी असली पासबुक और पहचान पत्र की नकल के साथ जमा कर दें लेकिन जमा करने से पहले अपनी पासबुक के आखिरी पन्ने की तस्वीर अपने फोन में जरूर खींच लें।

जैसे ही आप आवेदन जमा करेंगे डाकघर की तरफ से प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और वे आपके खाते को अपनी शाखा से बंद कर देंगे। आपके खाते में मौजूद पूरे पैसे का एक चेक या ड्राफ्ट बनाया जाएगा जो आपके नए बैंक के नाम पर होगा। इसके बाद डाकघर आपके सारे असली कागजात हस्ताक्षर के नमूने और वह चेक पंजीकृत डाक के जरिए आपके चुने हुए बैंक शाखा में भेज देगा जिसमें आमतौर पर दस से पंद्रह दिन का समय लग जाता है। जब दो हफ्ते बीत जाएं तो अपने नए बैंक में जाकर पूछें कि क्या उन्हें आपके कागजात मिल गए हैं और मिलने के बाद आपको वहां एक नया आवेदन पत्र और पहचान के दस्तावेज जमा करने होंगे जिसके बाद आपका खाता चालू हो जाएगा।

प्रक्रिया का चरण आपको क्या करना होगा यह काम कहां होगा
पहला कदम स्थानांतरण का आवेदन पत्र भरना होगा पुरानी डाकघर शाखा में
दूसरा कदम असली पासबुक और पहचान पत्र जमा करना होगा पुरानी डाकघर शाखा में
तीसरा कदम कागजात पहुंचने का इंतजार करना होगा आपको कुछ नहीं करना है
चौथा कदम कागजात पहुंचने की पुष्टि करनी होगी नई बैंक शाखा में
पांचवां कदम नया पहचान फॉर्म और तस्वीरें देनी होंगी नई बैंक शाखा में

डाकघर बनाम बैंक: आपके पीपीएफ निवेश के लिए क्या बेहतर है?

कई लोगों के मन में यह उलझन रहती है कि क्या बैंक में अपना खाता ले जाने से उनके ब्याज या सरकारी नियमों में कोई बदलाव आ जाएगा। इसका बहुत ही सीधा सा जवाब यह है कि नियम और ब्याज दर के मामले में दोनों जगहों पर रत्ती भर भी फर्क नहीं है। यह योजना वित्त मंत्रालय द्वारा चलाई जाने वाली एक पूरी तरह से सरकारी योजना है। सरकार हर तीन महीने में इसकी जो भी ब्याज दर तय करती है वही दर आपको डाकघर में भी मिलेगी और देश के किसी भी अधिकृत बैंक में भी मिलेगी इसलिए आपको नुकसान का कोई डर नहीं होना चाहिए। असली फर्क सिर्फ उनके काम करने के तरीके और ग्राहकों को दी जाने वाली सुविधाओं में है जो आज के समय में बहुत मायने रखता है।

डाकघर का दायरा हमारे देश के छोटे से छोटे गांवों और कस्बों तक बहुत गहराई से फैला हुआ है इसलिए वहां रहने वाले लोगों के लिए यह सबसे आसान और सुलभ माध्यम रहता है। लेकिन अगर आप किसी बड़े शहर में रहते हैं नौकरी करते हैं और अपने सारे काम इंटरनेट के माध्यम से करना पसंद करते हैं तो बैंक आपके लिए बहुत ही शानदार विकल्प साबित होगा। बैंक आपको चौबीसों घंटे सुविधा देते हैं और अगर आपको अपने जमा पैसे पर ऋण के लिए आवेदन करना है तो बैंकों में यह काम बिना कागजों के बहुत तेजी से हो जाता है।

तुलना का आधार डाकघर की स्थिति बैंक की स्थिति
मिलने वाला ब्याज सरकार द्वारा तय दर मिलती है सरकार द्वारा तय दर ही मिलती है
पैसे की सुरक्षा पूरी तरह से सुरक्षित है पूरी तरह से सुरक्षित है
आधुनिक सुविधाएं इंटरनेट आधारित सुविधाएं बहुत कम हैं हर तरह की आधुनिक सुविधा मौजूद है
पहुंच और दायरा दूरदराज के इलाकों में सबसे मजबूत शहरों और विकसित इलाकों में बेहतर

खाता स्थानांतरण करते समय ध्यान रखने वाली अहम बातें

जब आप अपनी जीवन भर की गाढ़ी कमाई का खाता एक जगह से दूसरी जगह ले जा रहे हों तो कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी हो जाता है। सबसे पहली और अच्छी बात यह है कि आपका यह खाता बिल्कुल निरंतर माना जाएगा जिसका मतलब यह है कि इसकी पंद्रह साल की परिपक्वता अवधि दोबारा शून्य से शुरू नहीं होगी। अगर आपने पांच साल पुरानी जगह पर पूरे कर लिए हैं तो नई जगह पर आपका खाता सीधे छठे साल से ही गिना जाएगा और आपकी पुरानी अवधि बेकार नहीं जाएगी। एक और बहुत जरूरी बात यह है कि जब आपका खाता स्थानांतरण की प्रक्रिया में हो यानी जब कागजात रास्ते में हों उस बीच में कोई भी नया पैसा जमा न करें।

अगर आपने हर महीने पैसा जमा करने का कोई नियम बना रखा है तो उसे उस एक महीने के लिए पूरी तरह रोक दें ताकि पैसे बीच में कहीं फंस न जाएं। जब नई जगह पर आपको नया खाता नंबर और पासबुक मिल जाए उसके बाद ही नया पैसा जमा करना शुरू करें ताकि किसी तरह की कोई तकनीकी उलझन पैदा न हो। इसके अलावा पुरानी जगह से कागजात भेजे जाने वाले लिफाफे की ट्रैकिंग पर्ची जरूर मांग लें ताकि आप खुद इंटरनेट पर देख सकें कि आपके बहुमूल्य कागज कहां तक पहुंचे हैं।

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ध्यान रखने योग्य बात इसका मुख्य कारण या फायदा
पासबुक की तस्वीर सुरक्षित रखें डाक में कुछ खो जाने पर आपके पास पुख्ता सबूत रहेगा
बीच में पैसा बिल्कुल न डालें लेन-देन में होने वाली तकनीकी गड़बड़ी से बचने के लिए
डाक की रसीद जरूर लें अपने कागजातों की सही स्थिति का पता लगाने के लिए
पंद्रह साल की अवधि जारी रहेगी आपको शुरुआत से इंतजार करने की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी

पीपीएफ स्थानांतरण के दौरान होने वाली आम गलतियां और उनसे कैसे बचें

मैंने अपने अनुभव में कई लोगों को देखा है जो अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं जिससे उनका काम कई हफ्तों तक बेवजह अटक जाता है। सबसे आम गलती जो लोग जल्दबाजी में करते हैं वह है आवेदन पत्र में गलत शाखा का नाम या गलत कोड भर देना। अगर आपने कोड का एक भी अक्षर गलत लिख दिया तो आपके खाते का सारा पैसा और असली कागजात किसी दूसरे शहर की शाखा में चले जाएंगे और फिर उन्हें वापस मंगाने में आपका बहुत समय और ऊर्जा बर्बाद होगी। इसलिए हमेशा अपनी पासबुक या आधिकारिक वेबसाइट से जांच करके ही सारी जानकारी भरें।

दूसरी सबसे बड़ी गलती जो अक्सर सामने आती है वह है अपने पुराने हस्ताक्षर भूल जाना जो आपने सालों पहले खाता खोलते समय किए थे। जब आपके पुराने कागजात नई जगह पर पहुंचते हैं तो वहां के अधिकारी आपके नए हस्ताक्षर को पुराने नमूने से मिलाते हैं। अगर दोनों में मेल नहीं होता है तो वे आपका खाता चालू करने से साफ मना कर सकते हैं इसलिए अगर आपके हस्ताक्षर बदल गए हैं तो पहले से ही एक नया घोषणा पत्र भरकर साथ में लगा दें।

आम गलती इससे होने वाला नुकसान इससे बचने का सही तरीका
गलत कोड या पता लिख देना आपके सारे असली कागज गलत जगह पहुंच जाएंगे दो बार ध्यान से जांचने के बाद ही जानकारी भरें
पुराने हस्ताक्षर भूल जाना आपका खाता नई जगह पर चालू नहीं हो पाएगा नया हस्ताक्षर घोषणा पत्र अधिकारियों को सौंप दें
पुराना खाता नंबर भूल जाना भविष्य में किसी विवाद के समय परेशानी होगी पुराने दस्तावेजों की स्पष्ट नकल अपने पास रखें

नामांकन और उसके नियम: क्या यह अपने आप बदल जाता है?

यह एक ऐसा अहम हिस्सा है जिसे ज्यादातर लोग खाता ले जाते समय पूरी तरह से भूल जाते हैं और बाद में परेशानी का सामना करते हैं। आपको यह बात अच्छी तरह समझ लेनी चाहिए कि जब आप अपना खाता डाकघर से बैंक में लाते हैं तो आपके पुराने वारिस या नामांकित व्यक्ति की जानकारी अपने आप नए सिस्टम में नहीं जाती है। नई संस्था पुराने नामांकन को सीधे तौर पर स्वीकार नहीं करती है क्योंकि उन्हें अपने खुद के तय प्रारूप में सारी नई जानकारी दर्ज करनी होती है। इसलिए जब आप नई जगह पर अपना अंतिम आवेदन पत्र जमा कर रहे हों तो उसी समय एक नया नामांकन फॉर्म भी जरूर मांग लें और उसे भर दें।

आप अपने पति पत्नी बच्चों या परिवार के किसी भी भरोसेमंद सदस्य को अपना वारिस बना सकते हैं। आप चाहें तो एक से ज्यादा लोगों को भी इसमें शामिल कर सकते हैं और उनके बीच पैसे का हिस्सा भी अपनी मर्जी से तय कर सकते हैं। ईश्वर न करे अगर कल को आपके साथ कोई अनहोनी हो जाती है तो सही नामांकन होने से आपके परिवार वालों को बिना किसी कानूनी लड़ाई के आपका सारा पैसा आसानी से मिल जाएगा।

नामांकन से जुड़ी बात इसके लिए क्या नियम हैं
क्या पुराना नामांकन मान्य होगा नहीं आपको नई जगह पर दोबारा जानकारी देनी होगी
क्या कई वारिस बनाए जा सकते हैं हां आप हिस्सा तय करके एक से ज्यादा नाम दे सकते हैं
नाम बदलने में कितना पैसा लगेगा यह प्रक्रिया ग्राहकों के लिए पूरी तरह से मुफ्त है

क्या पीपीएफ खाता स्थानांतरण करने पर कोई शुल्क लगता है?

जब भी पैसे या निवेश की बात आती है तो एक सवाल हर किसी के दिमाग में जरूर आता है कि क्या इस पूरे काम के लिए कोई भारी भरकम फीस चुकानी पड़ेगी। आपको यह जानकर बहुत राहत मिलेगी कि सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को आम जनता के लिए बिल्कुल मुफ्त रखा है। कोई भी सरकारी संस्था या बैंक आपसे खाता एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के नाम पर कोई सेवा शुल्क नहीं मांग सकता है। हालांकि इस पूरी प्रक्रिया में एक बहुत ही छोटा सा खर्च आ सकता है जो डाक विभाग से जुड़ा है।

जब आपकी पुरानी शाखा आपके सारे असली कागजात और आपके पैसों का ड्राफ्ट नई जगह पर भेजती है तो वे इसे साधारण डाक से भेजने का जोखिम नहीं लेते हैं। सुरक्षा के लिहाज से इन बहुमूल्य कागजातों को पंजीकृत डाक या तेज गति वाली डाक सेवा से भेजा जाता है। इस सेवा का जो भी मामूली खर्च आता है जो आमतौर पर पचास से सौ रुपये के बीच ही होता है वह आपके पुराने खाते से काटा जा सकता है। इसके अलावा नया बैंक आपसे खाता चालू करने का एक भी रुपया नहीं लेता है।

शुल्क का प्रकार आपको कितना पैसा देना होगा
पुरानी संस्था छोड़ने का शुल्क कोई पैसा नहीं लगेगा यह मुफ्त है
नई संस्था में खाता खोलने का शुल्क कोई पैसा नहीं लगेगा यह मुफ्त है
सुरक्षित डाक सेवा का खर्च लगभग पचास से सौ रुपये के आसपास

ऑनलाइन पीपीएफ स्थानांतरण: क्या हम सब कुछ घर बैठे कर सकते हैं?

आज के दौर में हम हर छोटा बड़ा काम अपने मोबाइल फोन से करना चाहते हैं चाहे वह किसी को पैसे भेजना हो या बाजार से सामान मंगाना हो। इसलिए कई लोग यह सवाल पूछते हैं कि क्या यह पूरी प्रक्रिया इंटरनेट के माध्यम से घर बैठे की जा सकती है। सच कहूं तो इसका जवाब ना है और इसके पीछे एक बहुत बड़ी वजह है। यह आपका कोई साधारण खाता नहीं है बल्कि पंद्रह साल का एक बहुत लंबा और सुरक्षित निवेश है जिसमें लाखों रुपये जमा हो सकते हैं। किसी भी तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए सरकारी नियम कहते हैं कि ग्राहक को कम से कम एक बार अपनी पुरानी शाखा में और एक बार नई शाखा में खुद मौजूद होना चाहिए।

पुराने अधिकारी आपके असली कागजातों की पहचान करते हैं और नए अधिकारी आपकी पहचान सुनिश्चित करते हैं। हालांकि एक बार जब यह पूरी कागजी कार्रवाई खत्म हो जाएगी और आपका खाता नई जगह पर आ जाएगा उसके बाद के अगले पंद्रह सालों तक आप अपना सारा काम इंटरनेट के माध्यम से कर सकेंगे। इसलिए भविष्य की बड़ी सुविधा के लिए आज की यह छोटी सी मेहनत बिल्कुल जायज है।

काम का नाम क्या यह इंटरनेट से हो सकता है
पुरानी जगह आवेदन देना नहीं आपको खुद वहां चलकर जाना होगा
नई जगह पहचान सुनिश्चित करना नहीं आपको शाखा में उपस्थित होना होगा
प्रक्रिया पूरी होने के बाद पैसे डालना हां यह पूरी तरह से इंटरनेट से हो जाएगा
अपना जमा पैसा देखना हां आप इसे मोबाइल पर कभी भी देख सकेंगे

आखिरी विचार

अपना पुराना निवेश खाता डाकघर से निकालकर किसी आधुनिक बैंक में ले जाना आपके वित्तीय जीवन को सरल बनाने की दिशा में एक बहुत ही बेहतरीन और समझदारी भरा कदम है। आज की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां हर इंसान के पास समय की बहुत कमी है वहां बार-बार जाकर लाइनों में लगना बिल्कुल भी सही नहीं लगता। मैंने आपको ऊपर जो भी चरण और तरीके बताए हैं अगर आप उन्हें ध्यान से समझकर अपनाएंगे तो बिना किसी परेशानी के आपका काम हो जाएगा।

बस इस बात का खास ख्याल रखें कि अपने सारे असली कागजात साथ ले जाएं जानकारी बिल्कुल सही भरें और अपने पुराने दस्तावेजों की एक तस्वीर जरूर अपने पास सुरक्षित रख लें। इस सरकारी काम में थोड़ा समय लग सकता है इसलिए धैर्य बनाए रखें। एक बार जब यह पूरी प्रक्रिया खत्म हो जाएगी तो आप बड़ी शांति से अपने मोबाइल फोन पर अपनी जीवन भर की जमा पूंजी को सुरक्षित रूप से बढ़ते हुए देख सकेंगे और आपको अपने फैसले पर बहुत खुशी होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. क्या मैं अपने नाबालिग बच्चे का खाता भी स्थानांतरित कर सकता हूं?

जी हां आप बिल्कुल ऐसा कर सकते हैं। छोटे बच्चों के खाते की प्रक्रिया भी बिल्कुल वैसी ही होती है जैसी बड़ों के खाते की होती है। बस इसमें एक ही फर्क होता है कि सभी आवेदन पत्रों पर बच्चे के माता-पिता या कानूनी अभिभावक के हस्ताक्षर लिए जाएंगे और उन्हीं के पहचान पत्र भी लगेंगे।

2. अगर बीच रास्ते में मेरा चेक या कागजात खो जाएं तो क्या होगा?

इस बात को लेकर आपको बिल्कुल भी घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि आपका पैसा पूरी तरह से सुरक्षित है। अगर कोई लिफाफा रास्ते में खो जाता है तो नई शाखा पुरानी शाखा को इसकी जानकारी देती है। पुरानी संस्था उस पुराने चेक को रद्द करके तुरंत एक नया चेक जारी कर देती है जिससे आपका एक भी रुपया नहीं डूबता है।

3. खाता बदलने के इन पंद्रह दिनों के दौरान मेरे ब्याज का क्या होगा?

यह एक बहुत ही समझदारी भरा सवाल है। इस योजना में ब्याज की गणना हर महीने की पांच तारीख से लेकर महीने के आखिरी दिन के बीच मौजूद सबसे कम जमा राशि पर की जाती है। चूंकि आपका पैसा पूरे समय इसी योजना के तंत्र में रहता है इसलिए आपके ब्याज का कोई नुकसान नहीं होता और वह नियमानुसार जुड़ता रहता है।

4. क्या मैं एक बैंक से किसी दूसरे बैंक में भी अपना खाता ले जा सकता हूं?

हां यह सुविधा सिर्फ डाकघर तक सीमित नहीं है। अगर आपको कुछ सालों बाद लगता है कि आपका मौजूदा बैंक अच्छी सेवाएं नहीं दे रहा है तो आप बिल्कुल इसी प्रक्रिया का पालन करके अपना खाता किसी भी दूसरे बेहतर बैंक में ले जा सकते हैं।