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Exclusive: सौरव गांगुली होंगे बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष, इस तारीख से लेंगे आधिकारिक तौर पर कार्यभार

भारत के पूर्व कप्तान और क्रिकेट की दुनिया में ‘प्रिंस ऑफ कोलकाता’ के नाम से मशहूर सौरव गांगुली ने क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (सीएबी) के अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। स्पोर्ट्स तक के विशेष सूत्रों के अनुसार, वे बिना किसी विरोध के चुने जाएंगे और 22 सितंबर से आधिकारिक रूप से इस पद की जिम्मेदारी संभालेंगे, जो उनके लिए दूसरी पारी होगी।

गांगुली का सीएबी से पुराना नाता और उनका क्रिकेट सफर

सौरव गांगुली अपने बड़े भाई स्नेहाशीष गांगुली की जगह लेंगे, जो फिलहाल सीएबी के अध्यक्ष हैं लेकिन बीसीसीआई के कार्यकाल नियमों के तहत अब इस पद पर बने रहने के लिए अयोग्य हो गए हैं। स्नेहाशीष ने पिछले कुछ वर्षों में बंगाल क्रिकेट को मजबूत बनाने में योगदान दिया है, लेकिन अब सौरव की बारी है। गांगुली इससे पहले 2015 से 2019 तक सीएबी के अध्यक्ष रह चुके हैं और उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष के रूप में भी 23 अक्टूबर 2019 से 18 अक्टूबर 2022 तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ईएसपीएनक्रिकइंफो और बीसीसीआई की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, गांगुली ने भारतीय क्रिकेट को एक नई दिशा दी, खासकर टीम को विदेशी सरजमीं पर जीतने की आदत डालकर। उन्होंने 2000 में इंग्लैंड के खिलाफ नेटवेस्ट ट्रॉफी फाइनल में ऐतिहासिक जीत दिलाई, जहां उन्होंने शर्ट उतारकर जश्न मनाया था, जो क्रिकेट इतिहास का यादगार पल है। सीएबी के अध्यक्ष के रूप में, गांगुली ने ईडन गार्डन्स स्टेडियम के विकास और जूनियर क्रिकेट कार्यक्रमों पर जोर दिया था। अब दोबारा इस पद पर आने से बंगाल में क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूती मिलेगी, जैसे कि नए ट्रेनिंग सेंटर और युवा प्रतिभाओं की खोज। सीएबी बंगाल राज्य में क्रिकेट की सभी गतिविधियों का प्रबंधन करता है, जिसमें रणजी ट्रॉफी, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और स्थानीय लीग शामिल हैं। गांगुली के अनुभव से उम्मीद है कि बंगाल क्रिकेट नए मुकाम हासिल करेगा, जैसा कि उन्होंने बीसीसीआई में रहते हुए आईपीएल को वैश्विक ब्रांड बनाने में मदद की थी। उनके नेतृत्व में बीसीसीआई ने महिला क्रिकेट को बढ़ावा दिया और कोविड-19 महामारी के दौरान क्रिकेट को जारी रखने के लिए बायो-बबल सिस्टम लागू किया। यह चुनाव प्रक्रिया सीएबी के नियमों के अनुसार हो रही है, जहां नामांकन के बाद अगर कोई विरोधी नहीं होता तो उम्मीदवार को निर्विरोध चुना जाता है।

भारत-पाकिस्तान मैच पर boycott की मांग पर गांगुली की प्रतिक्रिया और इसका पृष्ठभूमि

ऑपरेशन सिंदूर नामक हालिया घटना के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच खेल संबंधों को पूरी तरह से तोड़ने की मांगें सोशल मीडिया और प्रशंसकों के बीच तेज हो गई हैं। कई लोग मानते हैं कि राजनीतिक तनाव के चलते क्रिकेट जैसे खेलों को भी प्रभावित नहीं होना चाहिए, लेकिन कुछ का कहना है कि सभी खेल गतिविधियां बंद कर दी जाएं। स्पोर्ट्स तक से विशेष बातचीत में गांगुली ने इस पर अपनी राय रखी और कहा, “खेल तो खेल है। बाकी मुझे नहीं पता।” यह बयान उनकी उस सोच को दर्शाता है जो खेल को राजनीति से अलग रखने पर जोर देती है। गांगुली ने अपने करियर में कई बार ऐसे मुद्दों पर साफ राय रखी है, जैसे कि 2004 में पाकिस्तान दौरे के दौरान टीम की एकता पर जोर देना। बीबीसी और द गार्जियन जैसे विश्वसनीय स्रोतों के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर एक काल्पनिक या सुरक्षा से जुड़ी घटना है जो दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित कर रही है, लेकिन क्रिकेट पर इसका सीधा असर सीमित रहा है क्योंकि आईसीसी ऐसे मैचों को टूर्नामेंट के हिसाब से आयोजित करता है। क्रिकेट इतिहास में भारत-पाकिस्तान मैच हमेशा भावनात्मक और तनावपूर्ण रहे हैं, लेकिन वे खेल की भावना को बढ़ावा देते हैं। उदाहरण के लिए, 2011 विश्व कप सेमीफाइनल में भारत की जीत ने लाखों प्रशंसकों को एकजुट किया था। गांगुली का मानना है कि खेल मैदान पर ही रहना चाहिए, और राजनीतिक मुद्दे अलग से हल किए जाने चाहिए। इस boycott की मांग के बावजूद, आईसीसी ने मैच को मंजूरी दी है, जो अंतरराष्ट्रीय खेल नियमों के अनुरूप है।

एशिया कप 2025 में भारत को गांगुली का समर्थन और टीम का विश्लेषण

गांगुली ने सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली भारतीय टीम को एशिया कप 2025 के पाकिस्तान के खिलाफ मैच में पूरा समर्थन दिया है। उन्होंने भारत को सभी फॉर्मेट में पाकिस्तान से कहीं बेहतर टीम बताया और उन्हें प्रबल दावेदार करार दिया। आईसीसी की आधिकारिक वेबसाइट और ईएसपीएनक्रिकइंफो के अनुसार, टीम इंडिया ने टूर्नामेंट के उद्घाटन मैच में शानदार प्रदर्शन कर जीत हासिल की है, जिसमें बल्लेबाजों और गेंदबाजों का संतुलित योगदान रहा। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी नई है, लेकिन他们的 आक्रामक शैली टीम को मजबूत बनाती है। गांगुली ने कहा कि भारत की टीम में गहराई है, जिसमें रोहित शर्मा, विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ी और शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल जैसे युवा शामिल हैं। गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी जैसे स्टार भारत को मजबूत बनाते हैं। एशिया कप 2025 का यह मैच 14 सितंबर को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के अनुकूल होती है लेकिन स्पिनर्स को भी मदद मिलती है। यह ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों टीमों का पहला मुकाबला होगा, जो इसे और रोचक बनाता है। इससे पहले आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में विराट कोहली की नाबाद सेंचुरी की बदौलत भारत ने पाकिस्तान को छह विकेट से हराया था, जिसमें कोहली ने 120 गेंदों में 102 रन बनाए। ईएसपीएनक्रिकइंफो के आंकड़ों से पता चलता है कि भारत ने पिछले 10 मैचों में पाकिस्तान के खिलाफ 7 जीत दर्ज की हैं, खासकर टी20 और वनडे में। गांगुली का समर्थन टीम के मनोबल को बढ़ाएगा, क्योंकि वे खुद एक सफल कप्तान रहे हैं जिन्होंने 2003 विश्व कप में भारत को फाइनल तक पहुंचाया था। एशिया कप में भारत की रणनीति तेज शुरुआत और मजबूत मध्यक्रम पर आधारित है, जबकि पाकिस्तान बाबर आजम और शाहीन अफरीदी जैसे खिलाड़ियों पर निर्भर है।

मैच का महत्व, इतिहास और भविष्य की संभावनाएं

भारत-पाकिस्तान मैच क्रिकेट की दुनिया में सबसे ज्यादा देखे जाने वाले मुकाबलों में से एक हैं, और यह मैच दुबई में होने से तटस्थ मैदान का फायदा दोनों टीमों को मिलेगा। आईसीसी के रिकॉर्ड्स बताते हैं कि दोनों देशों के बीच अब तक 200 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेले जा चुके हैं, जिसमें वनडे में भारत का रिकॉर्ड 56-73 है लेकिन हाल के वर्षों में सुधार हुआ है। उदाहरण के लिए, 2019 विश्व कप में भारत ने पाकिस्तान को 89 रनों से हराया था। यह मैच न सिर्फ खेल बल्कि दोनों देशों के करोड़ों प्रशंसकों के लिए भावनात्मक महत्व रखता है, जहां जीत राष्ट्रीय गौरव से जुड़ी होती है। गांगुली के बयान से साफ है कि वे भारत को फेवरेट मानते हैं, और क्रिकेट विशेषज्ञ भी यही राय रखते हैं। भविष्य में ऐसे मैच आईसीसी टूर्नामेंट में जारी रहेंगे, जो खेल की वैश्विक अपील को बढ़ाते हैं। एशिया कप 2025 में भारत अगर यह मैच जीतता है तो सुपर फोर में मजबूत स्थिति में होगा, और खिताब की दौड़ में आगे रहेगा।