मिलिए तेजस्वी मनोज सेः टाइम ने 17 वर्षीय भारतीय-अमेरिकी बच्चे को वर्ष 2025 का नाम दिया
एक व्यक्तिगत घटना से गहराई से प्रभावित होकर, 17 साल की भारतीय-अमेरिकी तेजस्वी मनोज को TIME मैगजीन ने 2025 का किड ऑफ द ईयर घोषित किया है। उन्होंने बुजुर्गों को ऑनलाइन ठगी और साइबर फ्रॉड से बचाने के लिए एक इनोवेटिव प्लेटफॉर्म विकसित किया है, जो अमेरिका में बढ़ती हुई समस्या को संबोधित करता है, जहां फेडरल ट्रेड कमीशन (FTC) की 2024 रिपोर्ट के अनुसार, बुजुर्गों से सालाना 3 बिलियन डॉलर से ज्यादा की ठगी होती है।
यह कहानी पिछले साल की है, जब तेजस्वी मनोज अपने पिता के साथ स्काउटिंग अमेरिका कैंप से घर लौट रही थीं। उन्होंने अपने 85 साल के दादाजी के कई मिस्ड कॉल्स देखे, और पता चला कि दादाजी को एक फर्जी ईमेल मिला था। ईमेल में किसी कथित दूर के रिश्तेदार ने आपातकाल का बहाना बनाकर 2,000 डॉलर मांगे थे। सौभाग्य से, तेजस्वी के पिता ने समय रहते हस्तक्षेप किया और कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन इस घटना ने तेजस्वी को बुजुर्गों की डिजिटल कमजोरियों के बारे में गहराई से सोचने पर मजबूर कर दिया। TIME मैगजीन की रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि ऐसे मामले आम हैं, क्योंकि बुजुर्ग अक्सर तकनीकी रूप से कम साक्षर होते हैं और ठगों के जाल में आसानी से फंस जाते हैं। तेजस्वी ने तय किया कि वे इस समस्या का व्यावहारिक समाधान निकालेंगी, जो न केवल बुजुर्गों को सशक्त बनाए बल्कि परिवारों को भी जागरूक करे। एएआरपी (अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ रिटायर्ड पर्संस) की स्टडीज बताती हैं कि 60 साल से ऊपर के 70% से ज्यादा लोग कभी न कभी ऑनलाइन ठगी का शिकार बनने की कोशिश का सामना करते हैं, जो तेजस्वी के मिशन को और प्रासंगिक बनाता है।
शील्ड सीनियर्स: बुजुर्गों को ऑनलाइन सुरक्षित रखना
तेजस्वी की इस पहल का नाम शील्ड सीनियर्स है, जो एक यूजर-फ्रेंडली वेबसाइट है और विशेष रूप से 60 साल से ऊपर के वयस्कों के लिए डिजाइन की गई है। यह प्लेटफॉर्म ठगी को पहचानने, उसकी जांच करने और रिपोर्ट करने में मदद करता है, जिससे उपयोगकर्ता स्वतंत्र रूप से ऑनलाइन दुनिया में सुरक्षित रह सकें। अभी यह प्राइवेट प्रीव्यू मोड में है, लेकिन जल्द ही पब्लिक लॉन्च होने की उम्मीद है। उपयोगकर्ता किसी भी संदिग्ध ईमेल, टेक्स्ट मैसेज या वेब लिंक को अपलोड कर सकते हैं, और प्लेटफॉर्म का एआई इंजन उसे स्कैन करके जोखिमों का विश्लेषण करता है। अगर ठगी की पुष्टि होती है, तो इसे सीधे संबंधित एजेंसियों जैसे एफबीआई (फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन), एएआरपी, और एसईसी (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन) को रिपोर्ट किया जा सकता है, जो कानूनी कार्रवाई को तेज बनाता है। FTC की रिपोर्ट्स से पता चलता है कि ऐसी रिपोर्टिंग से ठगी के मामलों में 25% की कमी आ सकती है।
वेबसाइट को चार मुख्य柱ों पर बनाया गया है, जो बुजुर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरल और प्रभावी हैं:
- सीखें: यहां बुजुर्गों को ऑनलाइन सुरक्षा के बेसिक टिप्स दिए जाते हैं, जैसे मजबूत पासवर्ड कैसे बनाएं, सोशल मीडिया पर प्राइवेसी सेटिंग्स कैसे मैनेज करें, और आम ठगी के संकेत जैसे फिशिंग ईमेल या फेक कॉल्स कैसे पहचानें। यह सेक्शन इंटरएक्टिव ग्राफिक्स और वीडियो के साथ आता है, ताकि सीखना आसान हो।
- पूछें: एक स्मार्ट चैटबॉट जो उपयोगकर्ताओं के सवालों के सरल, स्पष्ट जवाब देता है। उदाहरण के लिए, अगर कोई पूछे कि “यह ईमेल असली है या नकली?”, तो चैटबॉट स्टेप-बाय-स्टेप गाइड देता है। यह फीचर एआई पर आधारित है और बुजुर्गों की भाषा में जवाब देता है।
- जांचें: यहां एआई टूल संदिग्ध कंटेंट की गहन जांच करता है, जिसमें जोखिमों की विस्तृत व्याख्या शामिल होती है, जैसे कि ईमेल में छिपे मालवेयर या फेक लिंक्स। TIME की रिपोर्ट में बताया गया है कि ऐसे टूल्स बुजुर्गों की आत्मविश्वास बढ़ाते हैं।
- रिपोर्ट करें: उपयोगकर्ता को सीधे सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों से जोड़ता है, जहां रिपोर्ट फाइल करने की प्रक्रिया आसान बनाई गई है। इससे न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा बढ़ती है बल्कि बड़े स्तर पर ठगी नेटवर्क को पकड़ने में मदद मिलती है।
तेजस्वी ने इस प्लेटफॉर्म को विकसित करते समय बुजुर्गों के फीडबैक को शामिल किया, ताकि इंटरफेस सरल और बड़ा फॉन्ट वाला हो।
प्रभाव की यात्रा
तेजस्वी की कोडिंग यात्रा आठवीं कक्षा से शुरू हुई, जब उन्होंने बेसिक प्रोग्रामिंग सीखी और छोटे-छोटे प्रोजेक्ट्स बनाए। 2024 में कांग्रेसनल ऐप चैलेंज में उन्हें सम्मानजनक उल्लेख मिला, जहां उन्होंने एक ऐप प्रस्तुत किया जो कम्युनिटी सर्विस को आसान बनाता था। 2025 में उन्होंने TEDx टॉक दी, जिसमें “डिजिटल ब्रिजेस” बनाने पर जोर दिया – यानी ऐसी तकनीक जो युवा और बुजुर्ग पीढ़ियों को जोड़े और तकनीक को सभी के लिए सुरक्षित बनाए। TEDx की आधिकारिक रिकॉर्डिंग्स से पता चलता है कि उनकी स्पीच ने हजारों लोगों को प्रेरित किया।
स्कूल लाइफ में तेजस्वी violin बजाती हैं और अपने स्कूल के ऑर्केस्ट्रा में सक्रिय सदस्य हैं, जहां वे क्लासिकल म्यूजिक परफॉर्म करती हैं। स्काउटिंग अमेरिका में वे सालों से जुड़ी हैं और हाल ही में ईगल स्काउट रैंक हासिल की, जो इस संगठन का सबसे ऊंचा सम्मान है और नेतृत्व क्षमता दर्शाता है। इसके अलावा, वे भूटानी शरणार्थियों को मैथ और इंग्लिश की ट्यूशन देती हैं, जिससे उन्हें सांस्कृतिक विविधता का अनुभव मिलता है। नॉर्थ टेक्सास फूड बैंक के यंग एडवोकेट्स काउंसिल में वॉलंटियर के रूप में वे फूड डिस्ट्रीब्यूशन प्रोग्राम्स में मदद करती हैं। TIME मैगजीन की फीचर्स बताती हैं कि ऐसे युवा जैसे तेजस्वी, अपनी पढ़ाई, एक्स्ट्रा-करिकुलर एक्टिविटीज और सोशल वर्क को बैलेंस करके समाज में बदलाव ला रहे हैं, जो अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा है।
विजन और विस्तार
शील्ड सीनियर्स फिलहाल एक फ्री एआई इंजन पर चल रही है, लेकिन तेजस्वी फंडरेजिंग कर रही हैं ताकि इसे अधिक उन्नत कमर्शियल एआई प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट किया जा सके। इससे प्लेटफॉर्म की पहुंच बढ़ेगी, ज्यादा फीचर्स जुड़ेंगे, और असिस्टेड-लिविंग फैसिलिटीज जैसे नर्सिंग होम्स में इन-पर्सन वर्कशॉप्स आयोजित किए जा सकेंगे। इन वर्कशॉप्स में बुजुर्गों को हाथों-हाथ ट्रेनिंग दी जाएगी, जैसे कि स्मार्टफोन इस्तेमाल करना या ऑनलाइन बैंकिंग की सुरक्षा। तेजस्वी का विजन है कि बुजुर्ग ऑनलाइन दुनिया में बिना डर के घूम सकें और स्वतंत्र रहें, जबकि परिवार वाले उन्हें सपोर्ट करने के तरीके सीखें।
एएआरपी की 2024 स्टडीज के अनुसार, ऐसे एजुकेशनल प्रोग्राम्स ठगी के मामलों को 30% से 40% तक कम कर सकते हैं, और तेजस्वी का प्लान इसी दिशा में है। वे भविष्य में इसे मोबाइल ऐप के रूप में भी विकसित करना चाहती हैं, ताकि बुजुर्ग आसानी से एक्सेस कर सकें। TIME की रिपोर्ट्स से पता चलता है कि तेजस्वी जैसे इनोवेटर्स डिजिटल डिवाइड को कम कर रहे हैं।
राष्ट्रीय मान्यता
TIME मैगजीन ने तेजस्वी के प्रयासों को प्रमुखता से कवर किया, जिसमें कहा गया कि “बुजुर्ग अमेरिकियों को स्पष्ट रूप से सुरक्षा की जरूरत है, और तेजस्वी ने इसे प्रदान करने का दृढ़ संकल्प दिखाया।” किड ऑफ द ईयर पुरस्कार के अलावा, वे TIME फॉर किड्स सर्विस स्टार की पहली प्राप्तकर्ता बनीं, जो युवाओं के सकारात्मक सामाजिक प्रभाव को सम्मानित करता है। यह पुरस्कार TIME की आधिकारिक वेबसाइट और वार्षिक फीचर्स पर आधारित है, जो युवा लीडर्स को प्रोत्साहित करता है। तेजस्वी की कहानी न केवल भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए गर्व की बात है बल्कि वैश्विक स्तर पर युवा इनोवेशन का उदाहरण है, जैसा कि TEDx और कांग्रेसनल चैलेंज जैसे प्लेटफॉर्म्स पर देखा गया है।
