ईडी ने 1xBet मामले में टीएमसी की पूर्व सांसद मिमी चक्रवर्ती और अभिनेत्री उर्वशी रौतेला को किया तलब
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूर्व तृणमूल कांग्रेस सांसद मिमी चक्रवर्ती और बॉलीवुड अभिनेत्री उर्वशी रौतेला को 1xBet नामक अवैध सट्टेबाजी ऐप मामले में पूछताछ के लिए बुलाया है। एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, यह समन जांच को गहराई देने के लिए जारी किए गए हैं, जहां मिमी चक्रवर्ती को 15 सितंबर को दिल्ली मुख्यालय में शामिल होने को कहा गया है, जबकि उर्वशी रौतेला को 16 सितंबर को बुलाया गया है।
मामले की पृष्ठभूमि
1xBet ऐप एक अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म है, जो मुख्य रूप से रूस से संचालित होता है और भारत में अवैध रूप से काम कर रहा था। द हिंदू और पीटीआई जैसे विश्वसनीय स्रोतों की रिपोर्ट्स के अनुसार, यह ऐप खेल आयोजनों, क्रिकेट मैचों और अन्य घटनाओं पर सट्टेबाजी की सुविधा प्रदान करता था, जो भारत के कानूनों के तहत प्रतिबंधित है। ईडी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग, अवैध फंड ट्रांसफर और विदेशी मुद्रा उल्लंघन की जांच कर रही है, जो फेमा (फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट) और पीएमएलए (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के अंतर्गत आता है। जांच की शुरुआत 2023 में हुई थी, जब ईडी को सूचना मिली कि ऐप के जरिए करोड़ों रुपये की अवैध कमाई भारत से बाहर भेजी जा रही थी। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट्स बताती हैं कि 1xBet ने भारत में लोकप्रिय खेलों जैसे आईपीएल और अन्य क्रिकेट टूर्नामेंट्स को टारगेट किया, जिससे युवाओं में सट्टेबाजी की लत बढ़ी और आर्थिक नुकसान हुआ। ईडी ने अब तक कई बैंक खातों को फ्रीज किया है और ऐप से जुड़े डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच की है, जिसमें हवाला नेटवर्क का भी संदेह है।
ऐप की अवैध गतिविधियां
1xBet ऐप भारत में बिना लाइसेंस के चल रहा था और इसमें यूजर्स को आसान पेमेंट ऑप्शन जैसे यूपीआई, क्रेडिट कार्ड और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए सट्टेबाजी करने की सुविधा मिलती थी। इंडियन एक्सप्रेस की जांच रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐप ने सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट के जरिए अपनी पहुंच बढ़ाई, जिससे यह लाखों यूजर्स तक पहुंचा। ईडी की जांच से पता चला है कि ऐप के जरिए कमाए गए पैसे को विदेशी कंपनियों में निवेश किया गया, जो मनी लॉन्ड्रिंग का स्पष्ट उदाहरण है। सीएनएन-न्यूज18 की रिपोर्ट्स में विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे ऐप्स न केवल आर्थिक अपराध को बढ़ावा देते हैं, बल्कि साइबर सुरक्षा को भी खतरे में डालते हैं, क्योंकि इनमें यूजर डेटा का दुरुपयोग होता है।
शामिल हस्तियों की भूमिका
इस मामले में कई सेलिब्रिटी जांच के दायरे में हैं, क्योंकि उन्होंने अनजाने या जानबूझकर ऐप को प्रमोट किया। मिमी चक्रवर्ती, जो पश्चिम बंगाल के जादवपुर से टीएमसी की पूर्व सांसद हैं और बंगाली फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी अभिनेत्री, को संदेह है कि उन्होंने ऐप के विज्ञापनों या इवेंट्स में हिस्सा लिया। द हिंदू की रिपोर्ट्स के अनुसार, चक्रवर्ती ने राजनीति से पहले अभिनय में करियर बनाया और सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं, जहां ऐप प्रमोशन के पोस्ट हो सकते हैं। इसी तरह, उर्वशी रौतेला, जो मिस यूनिवर्स इंडिया रह चुकी हैं और बॉलीवुड फिल्मों जैसे ‘सिंह साहब द ग्रेट’ और ‘हेट स्टोरी 4’ में काम कर चुकी हैं, भी जांच में हैं। पीटीआई की खबरों से पता चलता है कि रौतेला ने सोशल मीडिया कैंपेन या इवेंट्स के जरिए ऐप को बढ़ावा दिया हो सकता है।
पहले दर्ज किए गए बयान
ईडी ने पहले ही क्रिकेटर शिखर धवन और सुरेश रैना के बयान दर्ज किए हैं। द हिंदू की रिपोर्ट्स बताती हैं कि धवन ने ईडी को बताया कि वे ऐप की अवैध प्रकृति से अनजान थे और केवल एक प्रमोशनल इवेंट में शामिल हुए थे। रैना ने भी इसी तरह का बयान दिया, लेकिन जांच जारी है ताकि यह पता चले कि क्या वे जानबूझकर शामिल थे। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, ऐसे मामलों में सेलिब्रिटी की जिम्मेदारी तय की जाती है, क्योंकि उनके प्रमोशन से ऐप की विश्वसनीयता बढ़ती है और अधिक लोग इसमें शामिल होते हैं।
जांच का विस्तार
ईडी की जांच अब पूरे देश में फैल गई है, जिसमें कई अन्य सेलिब्रिटी, विज्ञापन एजेंसियां और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस शामिल हो सकते हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, 1xBet ने भारत में 400 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई की, जो विदेशी सर्वरों के जरिए मैनेज की गई। जांच में क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट्स और ऑफशोर कंपनियों की भूमिका भी सामने आई है। सीएनएन-न्यूज18 के विशेषज्ञ विश्लेषण से पता चलता है कि ऐसे ऐप्स भारत की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाते हैं, क्योंकि इससे कर चोरी और काला धन बढ़ता है। ईडी ने अब तक कई छापेमारी की हैं और डिजिटल सबूत जुटाए हैं, जिसमें ईमेल, चैट्स और पेमेंट रिकॉर्ड शामिल हैं।
सामाजिक और कानूनी प्रभाव
यह मामला भारत में अवैध सट्टेबाजी के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा है। द हिंदू की रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार ने हाल के वर्षों में कई ऐसी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया है, जैसे कि महादेव ऐप और अन्य, और सेलिब्रिटी को एंडोर्समेंट से पहले जांच करने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों से सेलिब्रिटी की छवि प्रभावित होती है और युवाओं को सट्टेबाजी से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए।
आगे की कार्रवाई
ईडी अब इन समनों के आधार पर विस्तृत बयान दर्ज करेगी और यदि जरूरी हुआ तो और सबूत जुटाएगी। पीएमएलए के तहत दोषी पाए जाने पर 7 साल तक की सजा और भारी जुर्माना हो सकता है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट्स बताती हैं कि ईडी इस मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जा सकती है, क्योंकि ऐप रूस से जुड़ा है। सरकार की ओर से ऑनलाइन गैंबलिंग को रेगुलेट करने के लिए नए कानून पर विचार हो रहा है, जो ऐसे अपराधों को रोकने में मदद करेगा। यह जांच न केवल वित्तीय अपराधों पर फोकस कर रही है, बल्कि समाज में सट्टेबाजी की समस्या को भी उजागर कर रही है।
